चित्रकूट । अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने पूर्व में हुए अदालत के फैसलों को बरकरार रखा है।
शासकीय अधिवक्ता सुशील सिंह ने बताया कि वर्ष 2020 में न्याय अधिकारी ग्राम न्यायालय मानिकपुर द्वारा खोह निवासी दर्शन कुमार को कई मामलों में दोष सिद्ध होने पर एक वर्ष का कारावास की सजा सुनाई थी। इस पर दोषी ठहराये गए दर्शन कुमार की ओर से अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में पुर्नविचार की याचिका दाखिल की गई थी। इस मामले में जज नीरज श्रीवास्तव ने पूर्व की सजा को बहाल रखने का आदेश दिया है।
इसके अलावा न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा वर्ष 2020 के मामले में उद्घटा निवासी शिवशंकर को दहेज उत्पीडऩ के मामले में एक वर्ष का कारावास की सजा सुनाई थी। इस पर दोषी पक्ष की ओर से अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में पुर्नविचार याचिका दाखिल की गई थी। इस मामले में जज नीरज श्रीवास्तव ने पूर्व की सजा को बहाल रखने का आदेश दिया है।