चित्रकूट। गुरुपूर्णिमा पर धर्मनगरी गुरु-शिष्यों की संगम स्थली बन गई। मठों और मंदिरों में गुरु का आशीर्वाद लेने की होड़ लगी रही। श्रद्धालुओं ने गुरु का तिलक कर आरती उतारी। रामघाट पर मंदाकिनी नदी में स्नान कर कामदगिरी की परिक्रमा लगाई।
गुरु पूर्णिमा पर्व पर बुधवार की सुबह से ही मठों और मंदिरों में भक्तों की भीड़ लग गई। धर्मनगरी के तुलसीपीठ, रावतपुरा आश्रम, निर्मोही अखाड़ा, रामायणी कुटी, कामदगिरी प्रमुख द्वार, आचारी मंदिर, भरत मंदिर, ब्रह्मपुरी आश्रम, पंजाबी आश्रम, अनुसुइया आश्रम, सीतामहल आदि जगहों पर गुरु का आशीर्वाद लेने के लिए हजारों भक्त पहुंचे।
दूसरे जिलों और प्रदेशों से लोग पहुंचे। तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य, रावतपुरा आश्रम के संत रविशंकर महाराज, जानकीमहल के महंत सीताशरण महाराज, भरतमंदिर के महंत दिव्य जीवनदास, भागवत पीठ के संत नवलेश दीक्षित, संतोषी अखाड़ा के महंत रामजीदास, आचारी आश्रम के महंत बद्री प्रपन्नाचार्य, ब्रह्मपुरी आश्रम के महंत रामनरेशदास, रामायणी कुटी के महंत रामहृदय दास, देवांगना स्थित पंपापुर आश्रम में संत प्रेमदास सहित अन्य महंतों व संतों ने शिष्यों को आशीर्वाद दिया।
मानिकपुर क्षेत्र के धारकुंडी, मारकुंडी स्थित भारद्वाज आश्रम भी कार्यक्रम हुआ। तुलसी पीठ में रामकथा की शुरुआत जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने की। बिहार से आए श्रीमद्भागवत गीता आपके द्वार अभियान के संस्थापक संजीव कुमार मिश्र ने भक्तों को गीता की पुस्तक भेंट की।
कामतन स्थित गायत्री शक्ति पीठ में डॉ. राम नारायण त्रिपाठी व शंकर बाजार स्थित गायत्री साधक श्रवण कुमार गुप्ता ने हवन पूजन कराया। भक्तों को प्रसाद वितरित किया। इसी तरह जिले के राजापुर, मानिकपुर, शिवरामपुर, भरतकूप, पहाड़ी आदि क्षेत्रों में गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया गया।
फोटो-6- गुरुपूर्णिमा पर धर्मनगरी के फलहारी आश्रम में वीडियो कालिंग से शिष्यों को आशीर्वाद देते रा- फोटो : CHITRAKOOT