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Chitrakoot News: कोरोना का नया वैरिएंट खतरनाक नहीं, पर सुरक्षा जरूरी

Mon, 25 Dec 2023 01:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
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चित्रकूट । इन दिनों फिर से कोरोना के नए स्वरूप को लेकर आमजन चिंतित होने लगे हैं। हालांकि चिकित्सकों की मानें तो यह खतरनाक नहीं बल्कि सामान्य फ्लू इंफेक्शन है, जिसका साधारण इलाज है। केरल, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली में कोविड-19 के नए वैरिएंट जेएन-1 में पुराने कोरोना वायरस का एक स्ट्रेन मिला है। इसके लक्षणों में खांसी, जुकाम, बुखार, गले में दर्द, आंखों में जलन व नाक बहना शामिल है।
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चिकित्सकों की मानें तो यह नार्मल फ्लू लाइव इंफेक्शन है। यह वैरिएंट ज्यादा खतरनाक नहीं है। मरीज चार से पांच दिन में ठीक हो जाता है। हालांकि यह तेजी से फैलने वाला वैरिएंट है। इसकी आरटीपीसीआर व एंटीजन टेस्ट से पुष्टि होती है। देश में केरल से इस वैरिएंट की शुरूआत हुई है। इसके तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन कोविड-19 की जांच की जा रही है। अगर ऐसे कोई लक्षण मिले तो तत्काल आकर जांच कराएं।
जिला अस्पताल के डॉ. शैलेंद्र सिंह ने बताया कि यह नार्मल फ्लू लाइव इंफेक्शन है। इसके मरीज ज्यादातर होम आइसोलेशन में है। इस वैरिएंट से ब्लड प्रेशर, शुगर, हृदय रोग, गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसे लोग मास्क का प्रयोग करें। सैनिटाइजर करें और भीड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।
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वर्जन
कोरोना का यह वैरिएंट ज्यादा खतरनाक नहीं है। चार-पांच दिन में मरीज खुद ठीक हो जाता है। लोगों को मास्क, सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी का पालन करना चाहिए। अगर किसी रोगी में लक्षण मिलते हैं तो वह होम क्वारंटीन हो सकता है। चार से पांच दिनों में मरीज ठीक हो जाता है। -डॉ. आरबी लाल, वरिष्ठ चिकित्सक, जिला अस्पताल

सांस रोगियों का किया जा रहा कोरोना टेस्ट
पहाड़ी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी इसे लेकर सावधानी बरती जा रही है। सांस के मरीजों का कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है। पहाड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आक्सीजन प्लांट नहीं लगा है। इसलिए जिला अस्पताल से ही आक्सीजन के सिलिंडर मुहैया कराए जा रहे हैं।
पहाड़ी कस्बे के आसपास सैकड़ों गांव है। जहां पर मौसम बदलते ही मरीजों का आना अधिक हो गया है। इसमें सर्दी जुकाम से ग्रसित बच्चों व बुजुर्गों की संख्या अधिक है। देश कुछ शहरों में कोरोना के मरीज भी पाए जाने लगे हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के निर्देश आने के बाद सांस की बीमारी से ग्रसित मरीजों का कोरोना टेस्ट कराया जाने लगा है। सामुदायिक स्वास्थ्य के प्रभारी उदय सिंह ने बताया कि अस्पताल में पर्याप्त व्यवस्थाएं है। (संवाद)
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