चित्रकूट। समय से अदालत में पेश न होना और आख्या न देना दरोगा को महंगा पड़ गया। कारण बताओ नोटिस पर दरोगा सोमवार को सीजेएम कोर्ट पहुंचे तो उन्हें जज के आदेश पर वहीं बैठा लिया। दो घंटे तक पुलिस अफसरों की मान मनौव्वल के बाद जज ने दरोगा को जाने दिया। माफीनामा भी लिखवाया है।
अधिवक्ता मनोज कंचनी ने बताया कि नौ नवंबर 2023 को कर्वी कोतवाली क्षेत्र में खनिज अधिकारी ने चेकिंग के दौरान गिट्टी लदा ट्रक पकड़ कर पुलिस के हवाले कराकर पुलिस लाइन में खड़ा कराया था। इसी ट्रक की पुलिस ने ट्रक मालिक सादाब अली व चालक चांद बाबू के खिलाफ चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जबकि ट्रक पुलिस लाइन में ही खड़ा था। चालक की जमानत कराई जा चुकी है।
ट्रक छुड़वाने की याचिका अदालत में दायर की गई तो सीजेएम सूर्यकांत धर दुबे ने पुलिस से आख्या मांगी। अदालत ने 10 व 12 अप्रैल को दरोगा को रिपोर्ट लेकर हाजिर होनेे के लिए कहा, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। इस पर अदालत ने कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 अप्रैल को आख्या देने के आदेश दिए।
अधिवक्ता मनोज ने बताया कि सोमवार को खोही पुलिस चौकी के दरोगा रमेश चंद्र अदालत पहुंंचे तो जज ने उन्हें कस्टडी में लेने के लिए कहा। इसकी जानकारी होते ही पुलिस अधिकारियों में खलबली मच गई। कुछ ही देर में सीओ राजकमल व कोतवाल उपेंद्र सिंह अदालत पहुंचे और जज के सामने अपनी बात रखी। लगभग दो घंटे तक मान मनौव्वल के बाद दरोगा रमेश चंद्र से माफीनामा लिखाया गया। इसके बाद उन्हें जाने दिया गया। सीओ राजकमल ने बताया कि कार्य की अधिकता और चुनाव में व्यस्तता के चलते अदालत में आख्या देने में दरोगा से देरी हुई है। इस मामले की वह खुद जांच कर रहे हैं।
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