मऊ(चित्रकूट)। कूटरचित दस्तावेज तैयार कर आदिवासी की जमीन कब्जा करने के मामले में तत्कालीन तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल समेत 12 लोगों के खिलाफ मऊ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। अदालत के आदेश पर पुलिस ने सभी के खिलाफ धोखाधड़ी व एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की। मामले की जांच मऊ सीओ कर रहे हैं। मामला करीब 30 साल पुराना है।
औझर निवासी आदिवासी अंगनूराम कोल ने बताया कि उसकी नानी सुखवंती पत्नी सुखराम कोल के नाम जो जमीन थी। जो फसली में उसकी मां जलोलिया के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज हुई थी। इस जमीन में वह अपने भाईयों समेत काबिज रहा है। लगभग 30 साल पहले गांव के अमर सिंह ने रजकुवरिया व सुरतिया के नाम तत्कालीन लेखपाल, राजस्व निरीक्षक व तहसीलदार मऊ से साठगांठ कर राजस्व अभिलेख में फर्जी कागजात तैयार कर आदेश कराया है। यह आदेश खतौनी में दर्ज है। उसने जब फाइल तलाशी व नकल लेने का प्रयास किया तो संबंधित आदेश नंबर ही फर्जी निकला।
मऊ थाना प्रभारी राजेश द्विवेदी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल समेत 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि जांच सीओ राजकमल कर रहे हैं। सीओ ने बताया कि इस मामले में पहले भी विभागीय कार्रवाई हो चुकी हैंं इसकी जानकारी जुुटाई जा रही है। फिलहाल जांच शुरु की गई है।
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