एसटीएफ और एसआईटी की जांच जारी
नियमों का लगातार कई दिनों तक उल्लंघन करने व आपत्तिजनक सामग्री की बरामदगी के बाद से एसटीएफ व एसआईटी की टीम की जांच जारी है। इसमें जेल अधीक्षक, जेलर, डिप्टी जेलर, वार्डर के अलावा निखत का सहयोग करने वाले सपा नेता व कैंटीन सप्लायर को पुलिस विवेचना के आधार पर जेल भेज चुकी है।
सीसीटीवी फुटेज से नहीं मिले हैं बयान
शनिवार को विवेचना कर रही टीम ने डिप्टी जेलर पीयुष पांडेय, वार्डर रहीम, सत्येंद्र कुमार, अभय प्रताप सिंह, जगदीश के बयानों को सीसीटीवी फुटेज से मिलान कराया है। इन सभी की डयूटी घटना वाले दिन भी थी और यह सब बैरक से लेकर गेट व डिप्टी जेलर के कमरे के आसपास थे।
मददगारों के नाम रिकॉर्डिंग में मिले
जांच टीम ने इनके बयानों में भिन्नता पाने पर सीसीटीवी फुटेज से इसकी पुष्टि कराने का काम शुरू किया है। बताया गया कि कई के बयान फुटेज के आधार पर गलत निकले हैं। इसके अलावा जेल के अंदर व बाहर से विधायक अब्बास समेत उसकी पत्नी निखत की मदद करने वालों के नाम मोबाइल के ऑडियो रिकार्डिंग में आए हैं।
पुष्टि करने के बाद होगी अग्रिम कार्रवाई
इनकी जांच टीम पूरी तरह पुष्टि करने के बाद ही अगला कदम उठाएगी। इस मामले में नामजद विधायक पहले से जेल में है। उसकी पत्नी निखत बानो, चालक नियाज, जेल अधीक्षक अशोक सागर, जेलर संतोष कुमार, डिप्टी जेलर चंद्रकला, वार्डर जगमोहन, सहयोगी फराज खान व नवनीत सचान को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
लखनऊ के भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में चल रही है सुनवाई
इसमें विधायक कासगंज जेल, निखत व नियाज चित्रकूट जेल में हैं। अन्य सभी लखनऊ की जेल में हैं। पूरे मामले की सुनवाई लखनऊ के भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में चल रही है। इन सभी पर जेल से भगाने की साजिश, रंगदारी मांगने, गैरकानूनी तरीके से मिलने, अवैधानिक सामग्री जेल के अंदर ले जाने, विदेशी मुद्रा की बरामदगी, योजना में सहयोग का मामला दर्ज है।