जिलाध्यक्ष भइयालाल यादव ने स्व. मिश्र के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्घांजलि दी। उन्होंने कहा कि वह समाजवादी पार्टी की नींव के पत्थर थे। जब देश में जनता पार्टी का विघटन हो गया तो उसके बाद समाजवाद बिखर रहा था। तब पं. जनेश्वर मिश्र और मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी सोच के नेताओं को एक साथ किया और पार्टी का 1992 में गठन किया। पूरे देश में उन्होंने समाजवादी आंदोलन चलाया। दवा पढ़ाई मुफ्ती होगी, रोजी रोटी सस्ती होगी, का यह नारा जनेश्वर मिश्र ने ही दिया था। वह समय समय पर पार्टी सम्मेलनों में भेदभाव से दूर रहने का आह्वान किया करते थे। जिला पंचायत अध्यक्ष शिवशंकर लाल यादव ने कहा कि जनेश्वर मिश्र नौजवानों और गरीबों के मर्म को जानते थे और सदा कार्यकर्ताओं से जुड़े रहते थे। गोष्ठी का संचालन अनिल शर्मा ने किया। इस मौके पर गौरीशंकर मिश्रा, मो. गुलाब खां, सत्यनारायण पटेल, भोलानाथ खंगार, अपजल अली, फराज खां, रमेश यादव आदि मौजूद रहे।