चित्रकूट। अस्पताल में खांसी, जुकाम व बुखार के मरीज ज्यादा पहुंच रहे हैं। सात माह की बच्ची की बुखार से मौत हो गई, जबकि आठ बच्चों को भर्ती कराया गया है।
जिला अस्पताल में मंगलवार को 635 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचे। इनमें ज्यादातर बुखार, जुकाम व खांसी से पीड़ित थे। पर्चा व औषधि वितरण काउंटर से लेकर चिकित्सकों के कक्ष तक मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। मानिकपुर थाना क्षेत्र के ऐलहा बढ़ैया निवासी कुलदीप कुमार की आठ माह की बच्ची दीपांशी अपनी मां शांति देवी के साथ ननिहाल राजापुर थाना क्षेत्र के भदेवरा में रहने आई थी। पिछले तीन-चार दिनों से उसे बुखार आ रहा था। मंगलवार की सुबह दीपांशी को नाना मुन्नीलाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजापुर में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसका पता चलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
इसके अलावा कपसेठी निवासी हरिश्चंद्र का दो वर्षीय पुत्र आयुष, मदना सरैंया निवासी राजा भइया का दो वर्षीय पुत्र आदित्य व छेदीलाल का पांच माह का पुत्र पीयूष, नई दुनिया बनकट निवासी रामजस की छह माह का पुत्र दिव्यांश भी बुखार की चपेट में आ गए। इसी तरह हटवा राजापुर निवासी शिवशंकर की दो वर्षीय पुत्री निष्ठा, जानकीकुंड निवासी कमल की तीन वर्षीय पुत्री इच्छा, लंका पुरवा बहिलपुरवा निवासी लवकुश की छह माह की पुत्री आरुषि व गड़ौली पहाड़ी निवासी नील कमल की 25 दिन की पुत्री अवनी को बुखार के चलते जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।