चित्रकूट। जेल प्रकरण में एसटीएफ व एसआईटी की टीम ने निलंबित जेल अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। इन्हें चित्रकूट के गुप्त स्थान पर बुलाकर पूछताछ की जा रही है। जेल परिसर में भी जांच टीम ने मंगलवार को डिप्टी जेलर व एक वार्डर से बयान लिए। इनकी संपत्ति की भी जांच की जा रही है। उनके व परिजनों के बैंक खाते व अन्य संपत्ति का भी विवरण लिया गया।
दस फरवरी को जिला जेल में बंद विधायक अब्बास अंसारी व उसकी पत्नी निखत बानो के नियमों के विपरीत मिलने के दौरान पकड़े जाने पर निलंबित जेल अधीक्षक समेत आठ जेल अधिकारी-कर्मचारियों पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। मंगलवार को जांच टीम ने एक अन्य डिप्टी जेलर व एक वार्डर से चित्रकूट में पूछताछ की है। बताया गया है कि इनसे विधायक अब्बास व निखत की गैर कानूनी ढंग से मुलाकात कराने के तरीके व मध्यस्थों की जानकारी ली गई। बदले में इन्हें क्या मिला और किसने पहुंचाया है इसकी तस्दीक की जा रही है। एसपी वृंदा शुक्ला ने बताया कि सभी नामजद जेल अधिकारियों से क्रमवार जांच व पूछताछ की जा रही है। मददगारों की तलाश में कई जगह पूछताछ
चित्रकूट। जिला जेल प्रकरण में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। जांच टीम ने शहर समेत कसहाई रोड, पुरानी बाजार व बस स्टैंड के पास सादी वर्दी में जाकर पूछताछ की। इसमें एक कंप्यूटर सेंटर भी शामिल है, जो पहले से चर्चा में आ चुका है। बताया गया कि इस सेंटर के संचालन में गिरफ्तार सपा नेता का वरदहस्त है। पुलिस अधिकारी इस कार्रवाई का खुलासा करने से कतरा रहे हैं। बस इतना ही कहते हैं कि सब जांच की जद में हैं। लगभग तीन माह तक चित्रकूट में रहने के दौरान निखत बानो व उसके चालक नियाज ने स्थानीय लोगों से काफी संपर्क बनाया था। यह खुलासा हो गया है कि नवनीत सचान से फराज खान ने ही संपर्क कराया क्योंकि वह स्थानीय होने के कारण यह जानता था। इसके बाद शुरुआत में डीलिंग के लिए डेढ़ लाख रुपये नियाज से लेकर नवनीत ने जेल में अधिकारियों तक पहुंचाए थे।