मऊ (चित्रकूट)। यमुना में डुबी ननद भाभी के शवों को एसडीआरएफ की टीम ने 20 घंटे ढूंढने में सफलता पाई। शव बाहर आते ही परिजनों का दहाड़े मारकर रोना शुरु हो गया। अन्य ग्रामीणों ने उन्हें समझाकर दूर ले गये। पोस्टमार्टम के बाद गमगीन माहौल में एक स्थान पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
कस्बे में एक शादी समारोह में शामिल होने आई रगौली कर्वी निवासी पुष्पादेवी व उसकी ननद किरन देवी बुधवार की सुबह अन्य महिलाओं व परिजनों के साथ नदी में पूजन करने गई थीं। इसी बीच नदी में नहाते समय फिसलने से दोनो गहरे पानी में डूब गईं। एसडीआरएफ व स्थानीय गोताखोरों ने 20 घंटे के प्रयास के बाद दोनों को गुरुवार की सुबह बाहर निकाल लिया। दोनों की मौत हो चुकी थी। शव बाहर आते ही वहां मौजूद परिजन शव से लिपट कर रोने लगे। किसी तरह पुलिस ने दोनों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया।
इसके बाद ननद व भाभी का रगौली गांव के बाहर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कराया गया। इस दौरान सपा के विधायक अनिल प्रधान समेत भारी भीड़ मौजूद रही। किरन अपनी भाभी पुष्पा के साथ 13 जुलाई को रन्नू के लडक़े लवलेश की शादी के लिए आई थीं। किरन दो भाई व चार बहनों में तीसरे नंबर की थी। पुष्पा देवी का एक डेढ़ वर्षीय पुत्र बिपाशु है। पूरे परिजनों में शोक छाया है।
इनसेट
ननद को बचाने में भाभी भी गिरी
चित्रकूट। मऊ के यमुना नदी में पूजन के दौरान मौजूद किरन की चाची शोभादेवी ने बताया कि सभी लोग निर्माणाधीन पुल के पास नदी के कम गहरान वाले स्थान से जा रहे थे। अचानक एक स्थान पर किरन का पैर फिसला तो वह गहरे पानी में जाने लगी यह देखकर उसकी भाभी पुष्पा ने उसका हाथ पकडक़र ऊपर खींचने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुई। दोनेां पानी में गिर गर्इं। इसी दौरान गहरान होने से उन्हें कोई पकड़ नहीं पाया। वह दोनों पूजन करने के दौरान नहा नहीं रही थीं। संवाद