संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। लड़की को घर से फोन के जरिए बुलाने और बरगलाकर ले जाने के बाद दुराचार करने के मामले में दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने दोषी को सात वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 60 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
विशेष लोक अभियोजक तेज प्रताप सिंह ने बताया कि एक महिला द्वारा न्यायालय में धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र दिया गया था। जिसे स्वीकार करते हुए न्यायालय ने मारकुंडी थाने में अभियोग पंजीकृत करने के आदेश दिए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार उसकी बड़ी नातिन को बीती 15 मई 2017 को मध्य प्रदेश के सतना जिले के मझगवां थाने के तागी गांव के मूल निवासी रंगलाल ने फोन करके बुलाया।
उसके बाद बहला फुसला करके उसे कलिंजर के पास कुठला पहाड़ ले गया। यहां कई दिनों तक रखने के दौरान उसकी नातिन के साथ दुराचार किया गया। उसे कई स्थानों पर घुमाया और दुष्कर्म करता रहा। इसके बाद बीमार पड़ने पर 6 जुलाई 2017 को उसे मझगवां अस्पताल लाया गया। जहां से वह भाग निकली और घर आकर पूरे मामले की जानकारी दी।
बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद दोष सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश विनीत नारायण पांडेय ने शुक्रवार को निर्णय सुनाया। जिसमें आरोपी रंगलाल को सात वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही जुर्माना भी लगाया है।