चित्रकूट। भगवान शि की आराधना से मोक्ष की प्राप्ति होती है। जीवन का सच्चा सुख मिलता है। यह बात भागवताचार्य नवलेश महाराज ने भक्तों से कही।
खोही स्थित जग निवास में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार को भागवताचार्य नवलेश महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत पितरों को प्रसन्नता प्रदान करती है। जीव को आनंद देती है। ऐसे में संसार में हर संतान का कर्तव्य बनता है की अपने माता पिता को श्रीमद् भागवत कथा किसी योग्य ब्राह्मण से सुनाना चाहिए। जीव आनंदमय तब बनता है जब वह शिव की खोज करता है। गुरु पूर्णिमा पर गुरुओं के सत्संग मिलने से सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना बीमारी के चलते शासन के नियमों का पालन करते हुए अधिक संख्या में एकत्र न करें। दूरी बनाते हुए गुरुओं की पूजा करें। तभी सबका हित है।