चित्रकूट। शहर के ट्रैफिक चौराहे के पास की जमीन में निर्माण को लेकर नगर पालिका व पीडब्ल्यूडी विभाग आमने-सामने आ गए। बुधवार की रात को नगर पालिका ने पेड़ कटवाकर बाउंड्रीवाल बनवाई। गुरुवार की सुबह पीडब्ल्यूडी के अधिकारी कर्मचारियों ने निर्माण कार्य बंद करा दिया। इसके बाद सदर एसडीएम पहुंचे और दो घंटे तक बैठक हुई। समझौते के बाद फिर से बाउंड्रीवाल बनाई जाने लगी। पीडब्ल्यूडी व नगर पालिका का इस भूमि पर दावा कर रहे हैं।
सड़क के चौड़ीकरण व चौराहे के सुंदरीकरण के लिए ट्रैफिक चौराहे के आसपास की दुकानें खाली कराकर नगर पालिका ने बुलडोजर से गिरवा दिया। बुधवार की रात अचानक नगर पालिका ने इस स्थान पर कई पेड़ काटने के बाद नई बाउंड्रीवाल बनवाना शुरू कर दिया। गुरुवार की सुबह जानकारी होते ही पीडब्ल्यूडी के अधिकारी व कर्मचारी पहुंचे। जेसीबी से गड्ढा खुदवा कर अपने हिस्से की भूमि बताकर बाउंड्रीवाल बनवाना शुरू कर दिया। इस पर दोनों विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच गहमागहमी होने लगी। सैकड़ों लोग भी जुट गए।
जानकारी होने पर सदर एसडीएम राजबहादुर पुलिस बल के साथ पहुंचे। अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ दो घंटे तक बैठक हुई। पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता सत्येंद्र नाथ ने कहा कि वह विभाग की जमीन को खुली नहीं छोड़ सकते। सुरक्षा का मामला है, इसकी हमारी जवाबदेही है। नगर पालिका ईओ लालजी यादव ने कहा कि वह नियमानुसार काम कर रहे हैं। इसके बाद तय हुआ कि नगर पालिका ही बाउंड्रीवाल बनवाएंगी, जिससे पीडब्ल्यूडी विभाग की सुरक्षा बनी रहे। इस पर नए निर्माण का फैसला जिला प्रशासन करेगा।
डीएम अभिषेक आनंद ने नगर पलिका के अधिशाषी अधिकारी लालजी यादव को निर्देश दिए कि ट्रैफिक चौराहे के पास खाली कराई गई जमीन पर सुलभ कांप्लेक्स और बाउंड्रीवाल का निर्माण जल्द कराएं। सारे कार्य नियमानुसार शासनादेशों के मुताबिक ही कराए जा रहे हैं।
जिला पंचायत ने भूमि अपनी बताई
इस भूमि को लेकर जिला पंचायत ने पहले भी दावा किया है। गुरुवार को जिला पंचायत की ओर से पत्र जारी कर कहा कि यह भूमि उनकी है। इसमें कांप्लेक्स बनवाएंगे। भूमि को फ्रीहोल्ड व पैमाइश कराने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा है। जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव व अपर मुख्य अधिकारी सुधीर कुमार ने कहा कि इस भूमि का किराया उनका विभाग पहले से जमा करता रहा है। इस पर जिला पंचायत का ही अधिकार है।
महंत ने भी किया जमीन पर दावा
इस जमीन को लेकर चौसड़ के महंत रामचरण दास का कहना हेै कि उनकी जमींदारी की भूमि है। चर्चा यह भी रही कि यह भूमि राजापुर के एक व्यक्ति को पट्टा कर दी गई है। वह व्यक्ति भी इस पर अपना दावा कर रहा है।