स्वामी राजेंद्रदास को मानद उपाधि देते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद।
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चित्रकूट। राष्ट्रपति के रूप में पहली बार धर्मनगरी आए रामनाथ कोविंद ने सबसे पहले आरोग्यधाम गेट पर पद्मविभूषण नानाजी देशमुख की मूर्ति का अनावरण मंत्रोच्चारण के साथ किया। उनके ग्राम विकास माडल और प्रकल्पों पर भी चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनके लायक जो भी सहायता हो सकेगी उसमें कोई देरी नहीं की जाएगी। आरोग्यधाम हेलीपैड से गोल्फ कार्ट (बैटरी चालित वाहन )से मूर्ति स्थल तक आने के बाद राष्ट्रपति रामदर्शन के लिए कार से रवाना हुए। लगभग बीस मिनट तक रामायण काल के प्रसंगों के चित्रों और वहां अंकित श्लोकों को पढ़ते रहे। इसके बाद वह सुरेंद्रपाल विद्यालय के स्कूल में बच्चों के बीच पहुंचे। बच्चों से ढेर सारी बातें कीं। कई बच्चों से बातचीत कर उद्यमिता विद्यापीठ पहुंचे। इसके बाद आरोग्यधाम के मंदाकिनी रिसार्ट में विश्राम व भोजन कर कई लोगों से महत्वपूर्ण चर्चा भी की। सियाराम कुटीर में नानाजी देशमुख के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर पुरानी यादों को ताजा किया। इस मौके पर डीआरआई के वीरेंद्र कुमार, अतुल जैन, अभय महाजन, अनिल कुमार व राजेश आदि मौजूद रहे। नानाजी देशमुख की मूर्ति अनावरण के साथ ही लगभग तीन घंटे के कार्यक्रम के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद निर्धारित समय से बीस मिनट पहले ही धर्मनगरी पहुंच गए। उनका हेलीकाप्टर हवा में उड़ता दिखा तो सभी अपनी घड़ी व मोबाइल में समय देखने लगे। राष्ट्रपति से लेकर राज्यपाल और अन्य मंत्री र्भी ई रिक्शा पर ही बैठकर कई स्थान पहुंचे। राष्ट्रपति दोपहर 11.55 बजे हेलीपैड में उतरने के बाद गोल्फ कार्ट से आरोग्यधाम गेट तक पहुंचे। यहां मूर्ति अनावरण के बीस मिनट बाद कार से रामदर्शन गए। वहां से गोल्फ कार्ट से नन्हीं दुनिया उद्यमिता विद्यापीठ पहुंचे। उसके बाद अन्य स्थानों पर कार से गए।