चित्रकूट। धर्मनगरी चित्रकूट में 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया जाएगा। इस पर्व के लिए आश्रमों और मठ मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने गुरुओं से आशीर्वाद लेने पहुंचेंगे। कई आश्रमों में भंडारे का आयोजन भी होगा। सती अनुसुइया आश्रम, तुलसीपीठ और निर्मोही अखाड़ा जैसे प्रमुख स्थानों पर विशेष तैयारियां हैं। भरत मंदिर के महंत दिव्य जीवनदास ने बताया कि गुरु अज्ञान का अंधकार दूर कर मोक्ष का मार्ग दिखाते हैं। संत नवलेश दीक्षित ने कहा कि गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है। महर्षि वेद व्यास ने इसी दिन वेदों का विभाजन किया था। सती अनुसुइया आश्रम में मेला लगता है, जबकि तुलसीपीठ में रामभद्राचार्य के दर्शन के लिए श्रद्धालु आते हैं। इस दिन शिष्य अपने गुरुओं को फूल, वस्त्र और मिठाई अर्पित करते हैं।