चित्रकूट। दिल्ली सहित आसपास क्षेत्र में आए भूकंप को लेकर जिले के निवासी भी सहमे नजर आए। सोमवार शाम को हल्के झटके महसूस होने पर लोग डर गए लेकिन कहीं से भी किसी तरह के कोई नुकसान की जानकारी नहीं है। भूकंप का कहीं व्यापक असर देखने को नहीं मिला। मौसम वैज्ञानिकों का कहना कि जिले में भूकंप को लेकर ऐसी कोई भी ठोस संकेत नहीं मिले हैं।
दिल्ली शहर में शाम चार बजकर 16 मिनट पर आए भूंकप को लेकर जिले के निवासी भी सहमे नजर आए। तरौंहा निवासी बालकृष्ण व पुरानी बाजार निवासी आदित्य कुमार ने बताया कि इसी समय वह घर के बाहर खड़े थे और हल्का झटका लगा इससे कुछ कंपन महसूस हुई लेकिन एक दो सेकेंड में ही सबकुछ सामान्य हो गया। बाद में पता चला कि भूकंप के झटके थे। अधिवक्ता राजेश चौहान, राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षक मइयादीन पटेल ने बताया कि जब दिल्ली में भूकंप आने की जानकारी मीडिया के माध्यम से हुई तो स्थानीय निवासी डर गए। बताया कि लगभग सात साल पहले चित्रकूट जिले में भूकंप आया था।
जिसमें झटके महसूस किए गए थे। कुछ भवनों में दरार भी आयी थी। इस बार ऐसा कहीं भी देखने को नहीं मिला। गनीवां कृषि फार्म के मौसम वैज्ञानिक अंकुर त्रिपाठी का कहना कि जिले में भूंकप नापने की कोई मशीन नहीं है। यदि जिले में भूकंप आता तो कोई न कोई जन हानि होती पर ऐसा देखने को नहीं मिला।