चित्रकूट। पूर्व में चित्रकूट में तैनात रहे और वर्तमान में प्रतापगढ नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रामअचल कुरील पर भ्रष्टाचार और धोखाधडी करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मामले की विवेचना करने और न्यायालय में आख्या प्रस्तुत करने के आदेश कर्वी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को दिए गए हैं।
मानिकपुर क्षेत्र के सरैया गांव के निवासी राजनारायण पुत्र गया प्रसाद ने बताया कि उसने 8 अप्रैल 2022 से 4 नवम्बर 2022 तक बिजली और टेंट का कार्य चित्रकूट धाम कर्वी नगर पालिका में टेंडर लेकर किया था। कार्य के कुल भुगतान 28 लाख 80 हजार 694 रुपये के सापेक्ष नगर पालिका द्वारा उसे 22 लाख 74 हजार का भुगतान किया गया। आरोप लगाया कि उससे अधिशासी अधिकारी रामअचल कुरील व नगर पालिका के सुभाष बाबू और असरफ बाबू ने मिलकर दो लाख 70 हजार रुपये कमीशन के रूप में ले लिया था, किन्तु जब उसने शेष बची रकम का भुगतान मांगा तो तीनों ने उसे गाली गलौच करते हुए धमकी दी। साथ ही फाइल जलाकर नष्ट करने की बात कही। यह सभी बातें उसने फोन में रिकार्ड कर ली। इस दौरान अधिशासी अधिकारी रामअचल कुरील अपना तबादला होने पर चले गए और उसके साथ छल कपट करते हुए धोखाधडी की। पीडित ने बताया कि इसकी सूचना उसने इलाकाई पुलिस को दी थी, किन्तु कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद उसने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था।
शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूर्यकान्त धर दुबे ने इस मामले में कर्वी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को घटना के बावत उचित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही मामले की आख्या अविलम्ब प्रस्तुत करने को कहा है। इस सम्बन्ध में कर्वी कोतवाली प्रभारी गुलाब त्रिपाठी ने बताया कि न्यायालय के आदेश का तत्काल अनुपालन किया जाएगा।