चित्रकूट में हड़ताल के दौरान नारेबाजी करते इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक इंप्लाइज एंड आफीसर्स एसोसिएशन के अधिकारी।
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चित्रकूट। यूनाइटेड फोरम आफ आरआरबी यूनियन के आह्वान पर इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक इंप्लाइज एंड आफीसर्स एसोसिएशन के अधिकारी और कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर रहे। हड़ताल से पहले दिन तीन करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। कर्मचारियों ने कामकाज का बहिष्कार किया और 10 वेतन समझौते के अंतर्गत सुविधाएं लागू करने समेत अन्य मागें उठाईं।
गुरुवार को मुख्यालय के समीपवर्ती अमानपुर गांव के पास स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के पास अधिकारियों ने धरना और प्रदर्शन कर नारेबाजी की। कर्मचारियों की हड़ताल से ग्रामीण बैंक की सभी शाखाओं में कामकाज ठप रहा।
इससे एक दिन में तीन करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। क्षेत्रीय कार्यालय पर आयोजित सभा में कर्मचारियों ने ग्रामीण बैंकों में निजी क्षेत्र में प्रवेश संबंधी एक्ट में संशोधन वापस करने, बैंकिंग उद्योग की तरह ग्रामीण बैंकों में मृतक आश्रित योजना अगस्त 2014 से लागू करने, 10वें वेतन समझौते को ट्रिब्यूनल एवार्ड के तय सिद्धांतो के तहत लागू करने और ग्रामीण बैंकों में आउट सोर्सिंग व्यवस्था खत्म करने की पुरजोर मांग की गई ।
एसोसिएशन के प्रवक्ता ने बताया हड़ताली कर्मचारी शुक्रवार को भी काम पर नहीं जाएंगे। हड़ताल से जिले की लगभग शत-प्रतिशत शाखाओं में तालाबंदी रही। धरना और प्रदर्शन के दौरान इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक इंप्लाइज एंड आफीसर्स एशोसिएशन के अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, सुरेन्द्र अग्रवाल, एके सिंह, अंकित सिंह, शैलेन्द्र सिंह, कैलास सिंह, अवधेश सिंह, संदीप, राजेश गुप्ता और अवधविहारी गुप्ता सहित सभी सदस्य और पदाधिकारी मौजूद रहे।