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Chitrakoot News: अब निवेशकों को ढूंढे नहीं मिल रही जमीन

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बांदा। जिले में उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों ने खूब दिलचस्पी दिखाई। इन्वेस्टर्स समिट में 73 उद्यमियों ने 1700 करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए, लेकिन उन्हें अब उद्योग लगाने के लिए यहां जमीन नहीं रही। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक भूरागढ़ औद्योगिक क्षेत्र में सिर्फ 22 भूखंड उपलब्ध हैं। जमीन की समस्या का हल निकालने के लिए उद्योग विभाग और यूपीसीडा उद्यमियों के साथ बैठक करने की कवायद में जुटा है।
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सोलर प्लांट, होटल, स्कूल, अस्पताल, ऑक्सीजन प्लांट समेत कई उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों ने उद्योग विभाग को प्रस्ताव दिए थे। समिट समारोह में करीब 1700 करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए थे।
बताया गया कि उद्योग स्थापना से लगभग 9000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इस पर शासन ने उद्योग विभाग की जमकर सराहना की, लेकिन अब तक उद्यमियों को जमीन उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। सूत्रों के मुताबिक उद्यम लगाने के लिए लगभग 100 एकड़ जमीन की जरूरत है, जबकि लैंड बैंक बमुश्किल कुछेक एकड़ है, वह भी टुकड़ों में। ऐसे में उद्योगों के सपनों को साकार करने में जमीन की कमी आड़े आ रही है।
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औद्योगिक क्षेत्र भूरागढ़ में गिने-चुने भूखंड बचे हैं। प्रोजेक्ट लगाने के लिए उद्यमियों को बड़े स्तर पर जमीन की जरूरत है। छोटे उद्योगों के लिए भी कम से कम दो-तीन एकड़ जमीन चाहिए होगी। जमीन की दिक्कत दूर करने के लिए प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। उद्योग विभाग और यूपीसीडा इस समस्या को दूर करने के लिए व्यापारियों से ही सहयोग लेने के मूड में हैं। जिम्मेदारों का कहना है कि जिनके पास जमीन होगी वे वहां अपना उद्योग स्थापित कर सकते हैं। जिन्हें जमीन की जरूरत होगी उन्हें उपलब्ध कराई जाएगी।

चार्ट भूरागढ़ औद्योगिक क्षेत्र में भूखंडों की स्थिति

कुल आवंटित भूखंड 115
विवादित भूखंड 22
आवंटित भूखंडों पर स्थापित इकाई 99
निरस्त भूखंड 06
उत्पादनरत इकाई 21
बंद इकाई 16
नीलामी से आवंटन को उपलब्ध भूखंड 22
अनुपलब्ध भूखंड 09
कुल भूखंड 174


इनसेट...
15 व्यापारियों को पहले दिलाई जाएगी जमीन
उपायुक्त (उद्योग) गुरुदेव का कहना है कि 95 लोगों ने प्रस्ताव दिए थे, लेकिन एमओयू साइन 73 निवेशकों ने किए। इनके द्वारा 1700 करोड़ रुपये इन्वेस्ट किया जाना है। जमीन उपलब्ध कराने का जिम्मा यूपीसीडा (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण) का है। निवेशकों को उद्यम स्थापना के लिए जमीन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। छह माह के अंदर कारोबार शुरू करने वाले निवेशकों को पहले जमीन दिलाई जाएगी। इस अवधि में कारोबार शुरू करने वाले कारोबारियों की संख्या मात्र 15 है। उनके साथ 25 मार्च को बैठक की जाएगी। इसमें जमीन समस्या का हल निकाला जाएगा।

इनसेट...
इन्वेस्टर्स समिट में निवेश का प्रस्ताव देने वाले उद्यमियों को जमीन हर हाल में उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में भूखंडों का ब्योरा तैयार कर लिया गया है। और जमीन के लिए प्रशासन से सहयोग मांगा जाएगा। सबसे पहले काम शुरू करने वाले कारोबारियों को पहले तरजीह दी जाएगी। -प्रदीप सत्यार्थी, क्षेत्रीय प्रबंधक, यूपीसीडा, बांदा।
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