चित्रकूट। गणेश चतुर्थी पर्व जिले में धूमधाम से मनाया गया। माताओं ने उपवास रखकर पुत्र की समृद्धि की कामना की।
घरों में तिल के लड्डू, शकरकंद, सिंघाडा, गन्ना, गुड़ आदि का भगवान शिव व पार्वती माता पर प्रसाद चढ़ाया। इसके बाद व्रत पारण किया। महंत दिव्यजीवनदास ने बताया कि इसे संकटों का हरण करने वाला पर्व कहा जाता है। इस पर्व को मनाने का कार्य सबसे पहले माता पार्वती ने किया। जिन्होंने निर्जला व्रत अपने पुत्र गणेश की कामना के लिए किया था। उसी समय से हिंदू धर्म की महिलाएं अपनी अपनी संतान की दीर्घायु व सुखी जीवन की कामना के साथ यह व्रत रखतीं है। जिसमें तिल के लड्डू, शकरकंद, सिंघाडा, गन्ना, गुड़ आदि चढ़ाने की परंपरा है।