चित्रकूट। मानिकपुर कस्बा निवासी अंशू आरख की कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मौत मामले की मजिस्ट्रीयल जांच शुरू हो गई है। इसके लिए एसडीएम कार्यालय में 30 जुलाई तक बयान दर्ज किए जाएंगे।
बुधवार को उप जिला मजिस्ट्रेट मानिकपुर पंकज वर्मा ने बताया कि 14 जुलाई को आर्यनगर निवासी अंशू आरख की मृत्यु की घटना की मजिस्ट्रीयल जांच के लिए जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर उन्हें मजिस्ट्रेट नामित किया गया है। घटना की नियमानुसार मजिस्ट्रीयल जांच कर 15 दिवस के अंदर जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं। बताया कि घटना के संबंध में जिस किसी भी व्यक्ति को साक्ष्य देना या बयान अंकित कराना हो तो 30 जुलाई तक किसी भी कार्य दिवस में उप जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय मानिकपुर में उपस्थित होकर साक्ष्य, बयान प्रस्तुत कर सकते हैं।
गौरतलब है कि मुहर्रम के जुलूस में कुछ लोगों से विवाद होने के बाद थाना पुलिस शिकायत पर अंशू को पकड़कर थाने ले गई थी। इसके बाद अंशू का शव दूसरे दिन पनहाई रेलवे लाइन के पास मिला था। भाई राकेश व परिजनों ने दावा किया है कि पुलिस हिरासत में उसे पीटा गया इसके बाद उसकी मौत होने पर उसे खुदकुशी दिखाने के लिए रेल पटरी पर फेंका गया है। एसपी अरुण कुमार सिंह ने इस मामले में थाना प्रभारी विनोद शुक्ला समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। पूरे थाने के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है।