चित्रकूट। पारिवारिक बंटवारे को लेकर विवाद में विवाहिता को मारकर कुएं में लटकाने के मामले में दोषसिद्ध होने पर न्यायालय ने मृतका के पति, सास और ननद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को तीस हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील कुमार सिंह व अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि मामले की रिपोर्ट मुकेश निषाद ने मऊ थाने में दर्ज कराई थी। बताया कि बहन ललता देवी का पारिवारिक बंटवारे को लेकर सास मल्ही देवी से विवाद हुआ था। ससुराल वालों ने उसकी बहन के साथ मारपीट की। सात जनवरी 2020 की रात उसको जान से मार दिया। आरोपियों ने पुलिस और लोगों को गुमराह करने के लिए से शव को गांव के बाहर कुएं में लटका दिया था।
पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद न्यायालय में मऊ थानांतर्गत छिवली निवासी मृतका के पति शोभालाल, सास मल्ही देवी व ननद कुसुमकली उर्फ भुजंगी निवासी सोती का पुरवा राजापुर के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने शुक्रवार को दोषसिद्ध होने पर हत्यारोपी पति शोभालाल, सास मल्ही देवी व ननद कुसुमकली को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसके अलावा प्रत्येक को तीस हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया गया।