वैसे तो चैत्र नवरात्र की नवमी पंचांग के अनुसार शुक्रवार को हवन पूजन के साथ समापन हो गया, लेकिन कुछ स्थानों पर श्रद्धालुओं ने नौ दिनों तक ही नवरात्र मानते हुए शनिवार को पूर्णाहुति की। तेज धूप की परवाह किए बगैर महिलाएं व युवतियां घर में व्रत के दौरान बोए गए ज्वारे को सिर पर रखकर निकली। हवन के बाद इनका नदी में विसर्जन किया। इसके अलावा काली देवी मंदिर से भी ज्वारा जुलूस निकाला गया।