ठिलिया में मरीज को अस्पताल ले जाते परिजन। संवाद
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चित्रकूट/खोही । भले ही गंभीर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए सरकार एंबुलेंस चला रही है। इसके बाद भी गंभीर रूप से बीमार एक मरीज को इलाज के लिए परिजन हाथ के ठेले (ठिलिया) से इलाज कराने को अस्पताल लाए। परिजनों ने आरोप लगाया कि सीतापुर अस्पताल में इलाज कराने ले गए तो वहां भी कोई इलाज नहीं किया और न कोई मदद की गई।
सीतापुर कस्बे की संपतिया देवी रैदास गंभीर रूप से बीमार हैं। मंगलवार को उन्हें अस्पताल तक ले जाने के लिए जब कोई एंबुलेंस नहीं मिली तो उसकी नाबालिग पुत्री, परिजन भोला प्रसाद, रामेश्वर प्रसाद ठिलिया में मरीज को लेटाकर जिले की सीमा से सटे मध्यप्रदेश के जानकीकुंड अस्पताल में इलाज कराने के लिए ले गए। इसके बाद इसी ठिलिया से अपने घर ले आए।
भोला प्रसाद ने आरोप लगाया कि सीतापुर अस्पताल में भी उन्हें इलाज नहीं मिला न कोई साधन मिला। मजबूरी में ठिलिया लेकर जानकीकुंड पहुंचे। इस संबध में सीएमओ डा. भूपेश द्विवेदी ने बताया कि उनके संज्ञान में मामला अभी नहीं आया था। मीडिया से जानकारी मिलने के बाद सीतापुर अस्पताल व जिम्मेदारों से पूछताछ की जा रही है।