चित्रकूट। बांदा के कमासिन थाने में गंभीर मामलों में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सपा के सदर विधायक अनिल प्रधान ने कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई सरासर गलत है। बालू माफिया के खिलाफ सदन में आवाज उठाने के कारण साजिशन उन्हें फंसाया जा रहा है।
गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस मे कहा कि वह जनप्रतिनिधि के साथ इंसान भी हैं। शोषित पीड़ितों की आवाज हर जगह उठाई है और इससे कोई रोक नहीं सकता। हर पीड़ित की आवाज फिर से उठाएंगे। गड़ौली गांव में जिस किशोर की मौत हुई, उसके पिता को ही खनन माफिया के इशारे पर आरोपी बना दिया गया है। बताया कि 19 मार्च को सरधुआ के गड़ौली में बागे नदी में डूबने से किशोर की मौत की जानकारी पर वह मौके पर पहुंचे थे। जब वह पहुंचे तो अज्ञात लोग जेसीबी में आग लगा चुके थे। एसडीएम राजापुर व सीओ समेत कई थाने की पुलिस पहले से मौजूद थी। वह चित्रकूट की सीमा क्षेत्र में बराबर मौजूद रहे और पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया था।
वहां मौजूद अधिकारियों से कहा कि पहले भी मानक से अधिक स्थान पर अवैध खनन होने से ऐसी घटनाएं हो रही हैं। इसकी जांच कराकर रोक लगाई जाए। वह विधानसभा में भी इस पर सवाल उठा चुके हैं। जांच में पाया गया है कि बांदा क्षेत्र के आवंटन पट्टा से अधिक चित्रकूट क्षेत्र की ओर नदी से बालू निकाली जा रही है। इसी से पट्टाधारक और इस काम में लगे लोग खिसियाए हैं। कुछ जनप्रतिनिधियों से मिलकर गलत तरीके से फंसा कर लोकतंत्र की आवाज दबाई जा रही है। इस मामले की पूरी सही जांच कराई जाए। इसके कई वीडियो भी उनके पास उपलब्ध हैं। मामले को फिर से विधानसभा में उठाएंगे। सपा जिलाध्यक्ष अनुज यादव, मानसिंह पटेल, गुलाब खां, अरशद खान भी मौजूद रहे।