चित्रकूट। दहेज हत्या के मामले में त्वरित न्यायालय ने मृतका के पति को 8 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 16 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गोपाल दास ने बताया कि वादी रामदास ने 22 जुलाई 20़17 को बहिलपुरवा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वादी के अनुसार उसने अपनी बहन गीता देवी की शादी रुकमा खुर्द निवासी रज्जू के साथ की थी। शादी के बाद से ही ससुरालीजन गीता का उत्पीडऩ दहेज के लिए करते थे। दो बच्चे होने के बाद भी उसका उत्पीडऩ जारी रहा। इस दौरान 26 जून 2017 को ससुरालीजनों ने गीता को बेरहमी से पीटने के बाद शाम को मिट्टी का तेल डालकर कर आग लगा कर जला दिया। गंभीर हालत के चलते प्राथमिक इलाज के बाद जिला चिकित्सालय से गीता को रिफर कर दिया गया। जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने अभियोग पंजीकृत करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
सोमवार को बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद त्वरित न्यायालय के अपर जिला संजय कुमार ने निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर मृतका के पति रज्जू को 8 वर्ष करावास के साथ 16 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।