चित्रकूट। दहेज हत्या न्यायालय ने पति को 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सास-ससुर को भी 12-12 वर्ष सश्रम कारावास की सजा दी है।
कौशांबी जिले के पश्चिम शरीरा थाने के बरोली गांव निवासी गुलाब ने पहाड़ी थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसने पौत्री पूनम की शादी 30 जनवरी 2019 को पहाड़ी थाने के रमयापुर गांव निवासी अजय कनौजिया से की थी। शादी के बाद से ही पूनम के ससुराल वाले चार पहिया गाड़ी के लिए उसका उत्पीड़न करते थे। इस दौरान पूनम को एक बच्चा भी हुआ। दहेज की मांग पूरी न होने पर पूनम को 20/21 अक्तूबर 2021 को रमयापुर में फंदा लगाकर मार दिया। घटना की जानकारी पर मायके से लोग रमयापुर पहुंचे तो पूनम का शव जमीन पर पड़ा था। गले में रस्सी का निशान बना था। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद न्यायालय में आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया था।
बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद त्वरित न्यायालय के अपर जिला जज नीरज श्रीवास्तव ने शनिवार को निर्णय सुनाया। दोष सिद्ध होने पर पूनम के पति अजय कनौजिया को 20 वर्ष सश्रम कारावास के साथ 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। इसी प्रकार मृतका के ससुर नन्हा व सास रनुईया को 12-12 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।