चित्रकूट। जिले के गुंता बांध के विस्थापित किए गए गहोरा खास गांव के ग्रामीणों के साथ रैपुरा गांव में प्रभास महासभा ने बैठक की। उनकी समस्याओं को लेकर चर्चा की गई। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार ने घर बनाने के लिए जमीन तो दे दी लेकिन खेती करने के लिए कोई जमीन नहीं दी है। सभी ने खेतीहर भूमि दिलाने की मांग की है।
शनिवार को हुई बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि 1976 में जब गुंता बांध का निर्माण किया गया था। उस दौरान विस्थापितों को घर बनाने के लिए केवल डेढ़ बिसवा जमीन दी गई। खेती के लिए किसी को जमीन नहीं दी गई। अन्य योजनाओं का भी लाभ नहीं दिलाया गया। पेयजल की समस्या से जूझना पड़ता है।
प्रभास महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लवलेश विराग ने कहा कि कहा कि सभी ग्रामीणों को पक्के घर व खेती के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए आंदोलन किया जाएगा।कहा कि ग्रामीणों को विस्थापित करते समय नियमों का पालन नहीं किया गया।
राष्ट्रीय महासचिव साधना मिश्रा ने कहा कि कई बार इनकी समस्याओं का निदान के लिए अधिकारियों को पत्र दिया गया। इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस मौके पर ब्लाक अध्यक्ष केदारनाथ सहित ग्रामीण मौजूद रहे।