चित्रकूट। ज्योतिषाचार्य के बेटे को घर से घसीट कर जान से मारने की कोशिश के मामले में दोष सिद्ध होने पर जिला जज ने पिता, पुत्र समेत चार आरोपियों को सात-सात वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को 10500 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
गुरुवार को जिला शासकीय अधिवक्ता श्याम सुंदर मिश्रा ने बताया कि शहर के शंकर बाजार निवासी पंडित नारायण दत्त त्रिपाठी ने कर्वी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस को दी गई तहरीर में वादी ने कहा था कि बीती 25 फरवरी 2022 की शाम को वह अपने शिष्य जितेंद्र के साथ कर्वी के शंकर बाजार स्थित आश्रम से गोकुलपुरी स्थित आवास आए। यहां उनके बेटे अनुज त्रिपाठी पर घर के अंदर गोकुलपुरी निवासी हर्षित पटेल, गुम्मा उर्फ जय सिंह, उसका पिता जय प्रकाश उर्फ रिंकू व मुलायम नगर निवासी पारस वर्मा आदि कई हमलावर चाकू और डंडों से जानलेवा हमला कर रहे थे। इससे अनुज खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर कर तड़पने लगा।
इस दौरान अनुज की मां को हमलावरों ने गालीगलौज करते हुए एक कमरे में बंद कर दिया। पुत्र को बचाने के लिए घर के अंदर घुसने पर हमलावरों ने ज्योतिषाचार्य और उनके शिष्य पर भी हमला कर दिया। साथ ही रुपयों से भरा बैग व आश्रम की चाभी भी छीन ले गए। जाते समय हमलावर आवाज उठाने पर पूरे परिवार का खात्मा करने की धमकी देते रहे।
घटना के बाद अस्पताल पहुंचने पर गंभीर हालत के चलते डॉक्टर ने घायलों को लखनऊ रेफर कर दिया था। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज हमलावरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। साथ ही न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष की प्रभावी और त्वरित पैरवी के चलते घटना के बाद से मुख्य आरोपी पारस वर्मा अभी तक जमानत न होने के कारण जेल में बंद हैं। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद गुरुवार को सत्र न्यायाधीश विकास कुमार प्रथम ने निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर गुम्मा उर्फ जय सिंह, उसके पिता जय प्रकाश उर्फ रिंकू, पारस वर्मा और हर्षित पटेल को सात-सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई।