चित्रकूट। परिषदीय स्कूलों के कायाकल्प और स्मार्ट क्लासों में बच्चों की पढ़ाई पर शुक्रवार को डीएम अभिषेक आनंद को सिविल सर्विस-डे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में पीएम अवार्ड से सम्मानित किया। यह पुरस्कार पाने वाले वे जिले के पहले डीएम हैं। स्कूलों का कायाकल्प बदलने में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों का भी खासा योगदान है।
यहां के घने जंगलों के बीच बसे गांवों के परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास संचालित होने से पठन-पाठन का वातावरण बदल गया है। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में रुचि बढ़ी है। विद्यालयों का कायाकल्प होने से आधुनिक सुविधाएं भी मिली हैं। पहले परिषदीय विद्यालयों की हालत यह थी कि बड़ी मुश्किल से बच्चे इनमें पढ़ने आते थे। कहा जाता था कि इन विद्यालयों में पढ़ाई नहीं होती। बच्चों को सिर्फ भोजन दिया जाता है। अब हालात बदल गए हैं। इन विद्यालयों में बच्चों काे अभिभावक खुशी-खुशी भेजने लगे हैं।
280 विद्यालयों में चल रहीं स्मार्ट कक्षाएं
चित्रकूट। जिले में 1256 विद्यालय हैं, जिसमें कायाकल्प योजना से विकास कार्य कराएं गए हैं। 280 विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाएं शुरू की गई हैं। इसमें टीवी लगाए गए हैं। जिले के परिषदीय विद्यालयों में वर्ष 2021-22 में 1,49,548 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे, जो वर्ष 2022-23 में बढ़कर 1,60,533 हो गए हैं।
पढ़ाई का वातावरण बदला
मानिकपुर क्षेत्र के स्थित बंबिहा गांव स्थित विद्यालय में जब से स्मार्ट क्लास शुरू हुई है, वहां पढ़ाई का वातावरण बदल गया। प्रधानाध्यापक रवि सिंह ने बताया कि उनके विद्यालय में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्मार्ट टीवी के साथ ही अन्य प्रयोगों के माध्यम से शिक्षा दी जा रही है। विद्यालय के कक्षा पांच के छात्र अनुराग सिंह ने बताया कि नई तकनीक से पढ़ाई कराने से जल्द समझ में आ जाता है। अंग्रेजी भी सीखने को मिलती है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय सरैंया भाग-एक के प्रधानाध्यापक उमाशंकर ने बताया कि कायाकल्प के तहत विद्यालयों में समग्र शिक्षा के लिए जरूरी सभी काम कराए गए हैं। बच्चों की उपस्थित अच्छी रहती है। कक्षा आठ की छात्रा भागवती ने बताया कि विद्यालय में सुविधाएं बढ़ने से गांव के छात्र-छात्राओं में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ी है कोलगदहिया विद्यालय के प्रधानाध्यापक अशर्फीलाल ने बताया कि उनके विद्यालय में प्राइवेट विद्यालयों से भी अच्छी सुविधाएं हैं। छात्र-छात्राओं में पढ़ाई की रुचि बढ़ी है। कक्षा सात की छात्रा काजल देवी ने बताया कि उसे अंग्रेजी पढ़ने का बहुत शौक है। अब अंग्रेजी को सरल तरीके से पढ़ाई जाती है।