एक पखवारे के अंदर इनामी डकैतों ने चौथ वसूली के लिए ताबड़तोड़ तीन निर्माण स्थलों पर धावा बोला। निर्दोष मजदूर, मिस्त्री और ग्रामीणों को पीटकर लूटपाट की। अबकी तो सहयोगी ठेकेदार को भी लहूलुहान कर दिया। इसके बावजूद पुलिस की सख्ती का असर कहीं नहीं दिख रहा। तीनों घटनाओं में डकैत बबुली कोल और गौरी यादव गैंग का हाथ होने की पुख्ता जानकारी के बावजूद पुलिस के हाथ खाली हैं। अभी तक तो देर रात को डकैत धावा बोलते थे, इस बार ढाई लाख के इनामी ने दिनदहाड़े दुस्साहस दिखाकर सरकारी निर्माण कार्य बंद करा दिया। सबकी मांग है कि पहले चौथ पहुंचाओ फिर काम कराओ।
एक मार्च को ढाई लाख के इनामी बबुली कोल गैंग ने ऊंचाडीह से मानिकपुर तक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से बन रही लगभग 12 किमी लंबी सड़क का काम बंद करा दिया था। मजदूरों के कैंप में धावा बोलकर आधा दर्जन से अधिक मजदूरों की धुनाई की थी। निर्माण शुरू कराने से पहले दस लाख चौथ पहुंचाने की धमकी दी थी। 12/13 मार्च की रात को बहिलपुरवा थानाक्षेत्र के सपहा गांव में लगभग एक करोड़ की लागत से बन रही पीएचसी पर 50 हजार के इनामी डकैत गौरी यादव गैंग ने धावा बोलकर तीन मजदूरों को पीटा। इसके बाद दस लाख की चौथ पहुंचाने के बाद ही काम शुरू करने की धमकी दी।
इस घटना को अभी 24 घंटे ही बीते थे कि फिर डकैत बबुली कोल गैंग ने पुलिस को चुनौती देते हुए 14 मार्च की दोपहर में ही मानिकपुर के निही गांव के पास धावा बोलकर सहयोगी ठेकेदार समेत चार लोगों को अधमरा कर दिया। यहां भी दो करोड़ से अधिक की लागत से बन रही सड़क मेें दस लाख की चौथ की मांग हुई है। बेखौफ डकैतों ने जंगल में लकड़ी काटने वालों पर जुल्म ढाया। एक पखवारे के अंदर तीन सरकारी निर्माण बंद कराकर डकैतों ने पुलिस के उस दावे की पोल खोली, जिसमें कहा जाता है कि निर्माण रुकने नहीं देंगे।