चित्रकूट। पत्नी व दो मासूम बेटियों का गला रेतकर मौत के घाट उतारने वाले हत्यारे व उसके साथी को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों को 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। शिवरामपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत चकला गुरूबाबा गांव के निवासी दयाराम ने 9 मार्च 2018 को कर्वी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि घटना को अंजाम देने वाला अजीत रैदास फेरी लगाकर ग्रामीण क्षेत्रों में सुहाग आदि का सामान बेचता था।
उसकी पत्नी मैना देवी भी रैपुरवा रोड में एक खोमचे में सुहाग के सामान की दुकान चलाती थी। परिजनों के अनुसार अजीत पत्नी के चरित्र पर शक करता था। इसके चलते परिवार में कई बार विवाद हुए थे।
8 मार्च 2018 को शाम खाना खाने के बाद वह परिवार समेत अपने घर में सो रहा था। इस दौरान रात को एक बार फिर अजीत व पत्नी मैना के बीच तीखी नोंकझोक हो गई। इससे तैश में आकर अजीत ने धारदार चाकू से पत्नी का गला रेत दिया।
साथ ही निर्दयता की सारी हदें पार करते हुए कमरे में सो रही सात वर्षीय पुत्री पिंकी और पांच वर्षीय पुत्री नंदनी की भी गला रेत कर हत्या कर दी। इस दौरान पास में ही सो रहा अजीत का बेटा अंकित जाग गया और पिता का भयावह रूप देखकर मौके से भाग खड़ा हुआ।
घटना को अंजाम देने के बाद हत्यारा अजीत सीधे शिवरामपुर चौकी पहुंचा और वहां मौजूद सिपाहियों को अपने कृत्य के बारे में बताया। इससे चौकी में हडकंप मच गया और तत्काल उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने इस मामले में हत्यारोपी अजीत रैदास और उसके साथी चकला गुरूबाबा गांव के ही निवासी राममिलन के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। राममिलन पर आरोप लगा कि वह अक्सर अजीत को उसकी पत्नी के चरित्र को लेकर चर्चा करता था। उसके ही बहकावे में आकर अजीत ने वारदात को अंजाम दिया। घटना के दिन भी राममिलन वहां मौजूद रहने की बात वादी ने बताई है।
बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अनुराग कुरील ने हत्यारोपी अजीत रैदास और राममिलन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों को 50-50 हजार रूपये अर्थदंड से भी दंडित किया।