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Chitrakoot News: फसलों के नुकसान की सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक न होने से किसान निराश

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चित्रकूट। ओलावृष्टि और बारिश से फसलों के नुकसान की सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक न करने से किसान निराश हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि सर्वे के नाम पर खानापूर्ति की गई है। सिर्फ बीमा कराने वाले किसानों का ही सर्वे किया गया है।
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भरतकूप क्षेत्र सहित मानिकपुर क्षेत्र के गांवों में ओलावृष्टि और बारिश से 500 हेक्टेयर से अधिक फसल नष्ट हो गई थी। प्रदेश सरकार के आदेश के बाद कृषि विभाग ने सर्वे किया था। ओलावृष्टि से प्रभावित रसिन गांव के किसान गुरु प्रयाद, प्यारेलाल, श्याम बाबू, मनोज कुमार, नवल किशोर, महेश प्रसाद ने बताया कि सर्वे के नाम पर खानापूर्ति की गई है। जिन किसानों ने फसल का बीमा कराया था। उन्हीं की फसलों का सर्वे किया गया है। किसानों ने तहसील दिवस में नष्ट हुई फसल को लेकर प्रदर्शन भी कर चुके हैं।

ओलावृष्टि से प्रभावित गांव
ओलावृष्टि से प्रभावित गांवों में रसिन, रौली कल्याणपुर, गोंडा, शिवपाल का पुरवा, करवरिया पुरवा सहित मानिकपुर क्षेत्र के दो गांवों में भी ओलावृष्टि होने से फसल नष्ट हो गई थी। कृषि विभाग ने माना था कि नौ गांवों में ओलावृष्टि से फसलें नष्ट हुई हैं। भरतकूप क्षेत्र के गांवों में अधिक नुकसान हुआ है।
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सभी फसलों का हो रहा सर्वे
उप कृषि निर्देशक राजकुमार का कहना कि कृषि विभाग व राजस्व विभाग की टीम ने सर्वे का कार्य किया है। बताया कि कृषि विभाग की तरफ सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया। रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी गई है। यह भी बताया कि ओलावृष्टि से नुकसान के सर्वे पर किसी तरह का पक्षपात नहीं हो रहा है। सिर्फ बीमा कराने वालों का ही नहीं बल्कि सभी खेतों का सर्वे कराया गया है। संवाद
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