धनतेरस के पर्व पर सोमवार को जैसे जैसे शाम हुई बाजार में रौनक आती गई। हालांकि पिछली बार की अपेक्षा इस बार बाजार में उतनी भीड़भाड़ नहीं रही।
इसकी एक वजह लगातार किसान पर प्राकृतिक आपदा की मार भी माना जा रहा है।धनतेरस में हर साल चार पांच दिन पहले से ही बाजारों में रौनक आ जाती थी।
पर इस साल ऐसा नहीं रहा। इलेक्ट्रानिक्स सामान के विक्रेता अशोक केशरवानी ने बताया कि इसकी एक बड़ी वजह किसानों की गरीबी है।
लगातार मौसम की मार से वह टूट चुका है और ऐसे में उसकी खरीदारी प्रभावित हुई है। इलेक्ट्रानिक्स व्यवसायी नरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि गांव का व्यक्ति दीवाली में काफी खरीदारी करता था।
पर इस बार वह बात नहीं है। हालांकि धनतेरस के दिन दुकानदारों की मायूसी कुछ हद तक दूर हुई।