पहाड़ी/मानिकपुर (चित्रकूट)। मानिकपुर कस्बे के बीआरसी कार्यालय में तैनात निलंबित लिपिक के परिजनों ने आरोप लगाया कि बहाली के नाम पर बीएसए व अन्य अधिकारियों ने दो लाख रुपये की मांग की थी। जो वह नहीं दे सके और तनाव में बीमारी से उनकी मौत हो गई। उनके पुत्र ने थाने में बीएसए के खिलाफ तहरीर दी है।
पहाड़ी थाना क्षेत्र के दरसेंडा निवासी विनीत पांडेय ने बताया कि उनके पिता लवलेश पांडेय मानिकपुर कस्बे के बीआरसी कार्यालय में लिपिक थे। उन्हें 13 अक्तूबर 2023 को निलंबित कर दिया गया था। उनका आरोप है कि बहाल करने के लिए बीएसए व अन्य अधिकारियों ने उनसे दो लाख रुपये मांगे थे। धनराशि न होने के कारण पिता तनाव में रहते थे। जिससे 20 जनवरी को उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें पहाड़ी सामुुदायिक स्वास्थ्य केेंद्र में भर्ती कराया गया। जहां से डॉक्टरों ने उन्हें प्रयागराज रेफर कर दिया। बृहस्पतिवार को प्रयागराज में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। थाना प्रभारी श्याम पटेल ने बताया कि तहरीर मिली है, लेेकिन इस मामले में अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
बीमारी के कारण हुई मौत
चित्रकूट। बीएसए लव प्रकाश यादव ने बताया कि लिपिक कई दिनों से बीमार थे। उनकी मौत बीमारी के चलते हुई है। उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। उन्हें 13 अक्तूबर को विभागीय कार्य में गडबड़ी पाए जाने पर निलंबित किया गया था। कनिष्ठ सहायक लिपिक लवलेश पर सात कार्मिकों से चयन वेतनमान को लगाने के लिए रुपये लिए जाने का आरोप लगा था। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई थी।