हाईवे पर अन्ना मवेशियों को मुख्यालय ले जाते समय पुलिस-किसानों के बीच लाठीचार्ज के मामले में आधा सैकड़ा किसानों पर भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं चारों नामजद किसानों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
मंगलवार को किसान रक्षा दल की अगुवाई में अन्ना मवेशियों से फसल बचाने के लिए सैकड़ों किसान हजारों मवेशियों के साथ प्रदर्शन करने को मुख्यालय जा रहे थे। जिन्हें रोकने के लिए कोतवाली क्षेत्र के कपसेठी गांव में पुलिस टीम ने नगर पालिका के कर्मचारियों के साथ मिलकर मवेशियों को हांक दिया था।
इसी दौरान मुख्यालय में किसान व मवेशियों को न घुसने देने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। जवाब में किसानों ने भी लाठियां चटकाईं जिसमें सीतापुर चौकी प्रभारी चुटहिल हो गए थे।
पुलिस ने 14 किसानों को पकड़कर चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। कोतवाल सत्यपाल सिंह ने बताया कि आरोपियोें में किसान रक्षा दल के अध्यक्ष शंभू सिंह चंदेल, अशोक कुमार, जगप्रसाद और रामदास को 25-25 हजार के निजी मुचलके पर छोड़ा गया है।
साथ ही आधा सैकड़ा अज्ञात किसानों पर हाईवे पर जाम लगाने, पुलिस कर्मी को घायल करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने की रिपेार्ट दर्ज की गई है। जमानत पर छूटने के बाद किसान रक्षा दल के अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस टीम ने निर्दोष किसानों पर लाठियां बरसाईं हैं।
आधा सैकड़ा किसानोें को कोतवाली व पुलिस चौकी में जबरन बैठाया गया। अब फर्जी मुकदमा लगाकर उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक अन्ना मवेशियों की समस्या का समाधान प्रशासन नहीं करेगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा।