फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बालू लदे ट्रैक्टर से मजदूर गिरा, मौत

Tue, 30 Jan 2018 11:49 PM IST
अमर उजाला, चित्रकूट
विज्ञापन
घटना के बाद बिलखते रामबाबू के परिजन। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
बालू भरे ट्रैक्टर से आ रहे मजदूर की रास्ते में गिरने से मौत हो गई। परिजनों ने बालू ढुलान कराने वालों पर साजिशन हत्या करने का आरोप लगाकर जाम लगा दिया। पुलिस ने लगभग दो घंटे की मानमनौव्वल के बाद जाम हटवाया और तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। फिर ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और पुलिस ने शव का पंचनामा कराया।
विज्ञापन


भरतकूप चौकी क्षेत्र छिवलहा हरिहरपुर निवासी सुख्खा कोटार्य का पुत्र रामबाबू उर्फ रामा(15) सोमवार शाम गांव के मनोज पटेल के साथ बरूआ बांध के पास लगे मौरंग प्लांट में मजदूरी करने गया था। देर शाम को बालू लदे ट्रैक्टर पर बैठकर गांव लौट रहा था। छिवलहा के पास अचानक अनियंत्रित होकर रामबाबू ट्रैक्टर से गिरा और पहिये के नीचे आ गया। आनन फानन में उसे प्लांट मालिक व अन्य मजदूर जानकीकुंड अस्पताल ले गए। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने शव गांव लाकर भरतकूप-मड़फ ा मार्ग पर जाम लगा दिया। लगभग एक घंटे तक जाम लगने के बाद अपर एसपी बलवंत चौधरी भरतकूप चौकी प्रभारी तपेश मिश्रा के साथ मौके पर पहुंचे।

मजदूर के पिता व अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि रामबाबू की मौत दुघर्टना से नहीं बल्कि मनोज पटेल, कमलेश पटेल और श्रवण कुमार पटेल ने मिलकर साजिशन हत्या की है। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग को लेकर जाम लगा रहा। आखिर में अपर एसपी ने रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए तब जाम खुल सका। मंगलवार को पुलिस सुरक्षा में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंपा गया है। चौकी प्रभारी तपेश मिश्रा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ दी गई तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
विज्ञापन


 रामबाबू के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों को बचाने में लगी है। जो तहरीर दी गई थी उस आधार पर रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई। हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने की बजाए दुर्घटना की नामजद रिपोर्ट दर्ज हुई है।

रामबाबू नाबालिग था। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि प्लांट में मालिकान नाबालिगों से मजदूरी कराते हैं। इस संबंध में चौकी प्रभारी ने बताया कि इसकी जांच कराई जाएगी। रामबाबू छह भाइयों व तीन बहनों में तीसरे नंबर का था। घटना के बाद मां व उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बरूआ बांध के पास अधिकारियों की मिली भगत से अवैध मौरंग खोदकर बालू बनाने का प्लांट चल रहा है। इसकी जांच कराने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें