अमर उजाला फालोअप
चित्रकूट। आखिरकार यह साबित हो गया कि वन दरोगा के पुत्र कुंजल उर्फ कुंजबिहारी का अपहरण कर हत्या उसके दोस्तों ने ही की थी। पुलिस ने मुख्य दो आरोपी दोस्तों को पकड़ लिया लेकिन एक अन्य मुख्य आरोपी फरार है।
आरोपियों ने माना कि पुराने विवाद के चलते और घटना के दिन शराब पीने के बाद हुए विवाद की आड़ लेकर उसे मार डाला और झाड़ियों में फेंक दिया था। कुंजल को आरोपियों ने पीट-पीटकर मार डाला था।
बता दें कि छह मई को कोतवाली क्षेत्र के अमानपुर निवासी वन दरोगा अर्जुन केेवट के बड़े पुत्र कुंजल उर्फ कुंजबिहारी को गांव के ही कुछ दोस्त घर से लिवा ले गए थे। सीतापुर में शराब पीने के बाद वह घर नहीं लौटा था।
12 मई को उसका शव देवागंना मार्ग की झाड़ियों में मिला था। जिसे जंगली जानवर खा गए थे। कपड़ों से उसकी शिनाख्त हुई थी। इस मामले में मुख्य आरोपी शिवऔतार, राकेश उर्फ गिल्ली और पट्टू की तलाश पुलिस कर रही थी। मंगलवार को पुलिस ने राकेश व पट्टू को सीतापुर के पास पकड़ा और घटनास्थल ले गई।
दोनों ने बताया कि पुराने विवाद के कारण ही उसे मारने की योजना शिवऔतार ने बनाई थी। छह मई को शराब पीने के दौरान फिर विवाद होने पर सभी ने मिलकर उसे टेंपों से उतारकर बाइक में बैठाया और देवागंना की ओर ले गए। जहां उसी दिन उसकी हत्या कर दी गई थी। कोतवाल मो.शरीफ खान ने बताया कि मुख्य आरोपी शिवऔतार की तलाश की जा रही है।
जल्द होगा बालिका की हत्या का खुलासा
चित्रकूट। मुख्यालय के शंकर बाजार में मकरसंक्राति की पूर्व संध्या पर नाबालिग की दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में पुलिस ने दो संदिग्धों को पकड़ा है। कोतवाल मो.शरीफ ने बताया जल्द ही पूरी घटना का खुलासा होगा।