भरतकूप(चित्रकूूट)। चौकी क्षेत्र समेत आस-पास के इलाकों में डाकू राजू ठाकुर गैंग की दहशत थी। इस कारण ग्रामीण कई बार बड़ी घटनाओं के बावजूद पुलिस शिकायत नहीं करते थे। ग्रामीणों की माने तो पानी सिर के ऊपर से गुजरने लगा तो खुद ही फैसला करने की ठान ली।
जब उसे घेरकर ग्रामीणों ने मार दिया तो कई ग्रामीणों ने कानूनी विवाद से बचने के लिए पुलिस को शव हैंडओवर कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने भी ग्रामीणों को बचाने और अपनी वाहवाही के लिए इनकाउंटर करने की तैयारी कर ली।
इस बीच डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी और पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र सिंह ने आपसी बातचीत के बाद तय किया कि साहसी ग्रामीणों को ही डाकू को मारने का श्रेय दिया जाए।
सोमवार की रात को झूमते गाते बराती जब दुल्हन के द्वार की ओर बढ़ रहे थे तभी इनामी डाकू राजू ठाकुर गैंग ने धावा बोल कर रंग में भंग डालने का प्रयास किया।
यहां तक की दुल्हन के चचेरे भाई को गोली मार दी। बस यही से डाकू की उल्टी गिनती शुरू हो गई। ग्रामीणों ने मिलकर उसे ऐसा धुना कि उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस सूचना दी गई। डाकू सरगना के मारे जाने की खबर मिलते ही पुलिस महकमा भी दलबल के साथ पहुंचा। ग्रामीणों की माने तो पहले पुलिस ने इसे इनकांउटर दिखाने की तैयारी की। कुछ ग्रामीण अपने को बचाने के लिए पुलिस की हा में हा मिलाने लगे।
इसी बीच पहुंचे एसपी व अन्य पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों का खूब हौसला बढ़ाया। लगभग दो घंटे के मंथन के बाद तय हुआ कि इसे पुलिस इंनकाउंटर नहीं बल्कि ग्रामीणों का हौसला बढ़ाया जाएगा। डाकू को मार गिराने में ग्रामीणों के साथ पुलिस कोई कानूनी कार्रवाई भी नहीं करेंगी।