अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। शहर से सटे अमानपुर गांव में सरकारी अस्पताल के डाक्टर के निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान वृद्ध की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने हंगामा काटा। जिससे डरे क्लीनिक में मौजूद स्टाफ डाक्टर रूम का ताला बंद कर भाग निकले। डाक्टर पहले से ही बाहर थे। परिजनों की तहरीर पर सरकारी डा.एके मोहन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पहाड़ी थानाक्षेत्र के ओरा निवासी कुल्लू उर्फ कुशल ने बताया कि दो दिन पूर्व उसके पिता शिवनारायण (70) गांव में एक पेड़ से पत्ती तोड़ रहे थे। अचानक पेड़ से जमीन पर गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के लिए उन्हें मुख्यालय लाया गया और अस्पताल में डाक्टर न मिलने पर कोतवाली क्षेत्र के अमानपुर में निजी क्लीनिक चलाने वाले सरकारी अस्पताल के डा.एके मोहन के पास लेकर पहुंचे। आरोप लगाया कि डाक्टर ने इलाज के पूर्व एक लाख रुपया जमा कराने को कहा जिस पर उसने किसी तरह 50 हजार जमा कर दिया था। इसके बाद इलाज कराकर घर ले गया। डाक्टर ने दो दिन बाद बुलाया था। रविवार वह फिर पहुंचा तो दोपहर को डाक्टर ने इलाज किया। शाम को घर ले जाने की तैयारी कर रहे थे तभी पिता की तबियत बिगड़ने लगी। तत्काल मौजूद स्टाफ को जानकारी दी गई। इसके बाद डाक्टर को भी बुलाया गया लेकिन कोई नहीं आया।
आरोप लगाया कि इलाज में लापरवाही से ही उनके पिता की मौत हो गई। मौत के बाद नाराज परिजनों ने हंगामा काटना शुरू कर दिया। स्थिति तनावपूर्ण देख प्राइवेट क्लीनिक में मौजूद स्टाफ ने डाक्टर रूम में ताला लगा दिया और भाग निकले। देर रात तक डाक्टर अस्पताल नहीं पहुंचे। जानकारी होते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। कोतवाल ने समझाकर परिजनों का गुस्सा शांत कराया। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम को भेजा। मृतक शिवनारायण किसान था। उसके पांच पुत्र हैं। बेटे कुुल्लू की तहरीर पर डा.एके मोहन के खिलाफ गैर इरादन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। गौरतलब है कि डा.मोहन जिला अस्पताल में अस्थि रोग विशेषज्ञ पद पर कार्यरत हैं।