कुएं से मृतक का शव निकालती पुलिस व मौजूद ग्रामीण।
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तीन दिन से लापता मजदूर का शव कुएं में मिलने पर पूरे गांव में हड़कंप मच गया। मजदूर के परिजनोें ने उसके साथियों पर ही शराब पिलाकर रुपये छीनने और फिर कुएं में फेंक कर हत्या करने का आरोप लगाया है।
सीतापुर चौकी क्षेत्र चितरा निवासी मुन्ना कोटार्य (50) पुत्र बाबूलाल एक माह पूर्व कानपुर के आऊ गांव में ईंट भट्टे में मजदूरी करने गया था। उसके साथ गांव के भूरा, बच्चा व रामलखन भी थे। मुन्ना के भतीजे शैलेंद्र ने बताया कि दस जनवरी को चाचा ने फोन कर बताया था कि वह गांव के इन तीनों के साथ छुट्टी लेकर आ रहा है। वह नहीं आया तो उसने चाचा के तीनों दोस्तों से पूछताछ की। तीनों ने जानकारी न होने की बात कही तो उसने सीतापुर चौकी में गुमशुदगी की तहरीर दी थी। पुलिस ने तीनों ग्रामीणों से भी पूछताछ भी की थी।
रविवार दोपहर को वे लोग चाचा की तलाश में घूम रहे थे। रत्नावली मार्ग के रैन बसेरा में स्थापित अस्थायी पुलिस चौकी के पीछे एक कुएं के पास मुन्ना का बैग मिला। इसमें कुछ कपड़े थे। शक के आधार पर कुएं में देखा गया तो कुछ पानी था और एक शव होने की आशंका हुई। पुलिस को जानकारी दी गई।
सीओ विजयेंद्र द्विवेदी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से लगभग चार घंटे बाद शव बाहर निकाला गया। शैलेंद्र व अन्य परिजनों ने मुन्ना की शिनाख्त कर भूरा, बच्चा व रामलखन पर ही रुपये छीनकर कुएं में फेंक हत्या करने का आरोप लगाया। चौकी प्रभारी केशरी प्रसाद ने बताया कि शव का पंचनामा कराया गया है। पूरे मामले की जांच कर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। फिलहाल जिन तीन ग्रामीणों पर आरोप लगाया जा रहा है वे लापता है। मुन्ना की पत्नी का बीमारी के चलते तीन साल पहले की देहांत हो चुका है। उसकी तीन पुत्री सीमा, गुड़िया व मंटो अपने चाचा मुन्नू के साथ ही रहती हैं।