चित्रकूट। पचास हजार के इनामी डाकू ललित पटेल के मारे जाने के बाद मप्र पुलिस ने दावा किया है कि इस गैंग का खात्मा हो गया है। गैंग के सभी सदस्य या तो गिरफ्तार हो गए या फिर दुनिया छोड़ चुके हैं। इसके पूर्व मप्र पुलिस ने मर्द उर्फ शिवा पटेल गैंग के उभरने पर भी कुछ ऐसा ही हश्र किया था लेकिन जिले की सीमा से सटे यूपी क्षेत्र के पाठा व अन्य क्षेत्र का हाल ऐसा नहीं है। चित्रकूट पुलिस ने कई सफलता पाई। कई गैंग के सरगना पकड़े लेकिन पूरा गैंग का खात्मा नहीं हो सका।
गौरतलब है कि गैंग जब डाकू ललित पटेल गैंग ने तीन ग्रामीणों को मार कर शव जला दिया था तो इस मामले को लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद संज्ञान में लिया था। उन्होंने धर्मनगरी में आकर कहा था कि मध्य प्रदेश में डाकू राज नहीं चलेगा। पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए था कि डाकुओं का जल्द से जल्द खात्मा किया जाएगा। इसी का परिणाम रहा है कि सतना पुलिस अधीक्षक ने डेढ़ सौ अतिप्रशिक्षित जवानों के साथ धर्मनगरी क्षेत्र के जंगलों में डेरा डाल दिया था।
पहले 31 जुलाई को गैंग के तीन सदस्यों को असलहों के साथ पकड़ लिया। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से गैंग सरगना को अपनों के मोह में फंसाकर निर्धारित स्थान के जंगल पहुंचाया और छह अगस्त को उसे मार गिराया। अब 12 अगस्त को उसके भाई समेत एक अन्य सदस्य को पकड़ने में कामयाबी पाई है। सतना एसपी राजेश हिंडगकर ने दावा किया कि यह गैंग खत्म हो चुका है।
इसके विपरीत यूपी क्षेत्र के चित्रकूट पुलिस ने कई खूंखार डकैतों को जिंदा व मुठभेड में पकड़ा है। कई को हलाक भी किया है लेकिन पूरा गैंग खत्म न होने से नया गैंग तैयार हो जाता है। हाल ही में 29 जुलाई को एक लाख पंाच हजार रूपये का इनामी डाकू गोप्पा को जब एसटीएफ व पुलिस ने पकड़ने का दावा किया तो ग्रामीणों को लगने लगा कि इस गैंग के सभी सदस्य पकड़े जाएंगे लेकि न गैंग के एक भी अन्य सदस्य पकडे़ नहीं गए पुलिस ने जेल में बंद गोप्पा को रिमांड में लेक र पूछतांछ की।
जिसमें एक रायफल बरामद किया। इसके बाद भी गैंग के अन्य सदस्यों को पकड़ने में कामयाबी पुलिस को नहीं मिली। जिससे ग्रामीण सवाल कर रहे है कि मप्र की पुलिस ने ललित गैंग के सभी सदस्यों को पकड़ लिया जबकि यूपी पुलिस ने गोप्पा गैग के सदस्यों को पकड़ने में कामयाबी क्यों नही मिल रही।
इस मामले में पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस का पूरा ध्यान डकैतों को दबोचने में ही है। जब जैसे जहां सफलता मिलती है उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाती है। पुलिस लगातार डकैतों के खिलाफ अभियान छेड़े है। गोप्पा व बबुली कोल गैंग के कई सदस्यों को दबोचा गया है। एक साल के अंदर दो डकैतों को मारा गया जबकि दो दर्जन डकैतों व मददगारों को पकड़कर जेल भेजा गया है।