मानिकपुर। एक तरफ डाकु ओं की मार तो दूसरी तरफ पुलिस की कार्रवाई से पाठा क्षेत्र में दस्यु प्रभावित गांव के बाशिंदे परेशान हैं। जहां डाकू बबुली कोल पुलिस की मुखबिरी करने पर ग्रामीणों को पीट रहा है वही पुलिस ने ऐसे ग्रामीणों के घर में नोटिस चस्पा कर दी है जिनके ऊपर डाकुओं को संरक्षण देने का शक है। ऐसे ग्रामीणोें को थाने में पूछताछ के लिए बुलाया गया है जिससे ग्रामीण परेशान हैं।
पाठा क्षेत्र के नागर गांव में पुलिस व डाकू बबुली कोल की दो दिन पहले नागर गांव में हुई। जिसमें गैंग के तीन सदस्यों के घायल होने की भी बात सामने आयी थी। इस मामले में नागर गांव के प्रधानपति को डाकुओं को संरक्षण देने पर गिरफ्तार किया गया था। वही शनिवार की रात कुख्यात डकैत बबुली ने मुखबिरी करने के शक में ग्रामीणों के साथ मारपीट किया। डाकुओं के डर के मारे किसी ने रिपोर्ट तक नहीं लिखाई। वही थाना मानिकपुर पुलिस ने नागर गांव में ग्रामीणों के घरों में नोटिस चस्पा कर दी है। जिसमें डाकू बबुली कोल के बिरादरी के अधिकतर लोग हैं। जिनसे कहा गया कि थाने उपस्थित हो।
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यह है चस्पा नोटिस
चित्रकूट। चस्पा की गई नोटिस में कहा गया कि, सूचित किया जाता है कि आवश्यक जांच के लिए थाने मेें आकर अपने बयान दर्ज कराए। उपस्थित न होने पर कार्यवाही के लिए उत्तरदायी होंगे : थानाध्यक्ष केपी दुबे।
उत्पीड़न जारी रहा तो करेंगे आत्महत्या
मानिकपुर। थाना क्षेत्र के नागर गांव की पंची पत्नी फुदल कोल ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में आरोप लगाया कि एक फरवरी को जब वह अपने घर में घरेलू कार्य कर रही थी। उसी समय मानिकपुर थाना पुलिस ने घर में धावा बोलकर गाली गलौज किया। मना करने पर घर में तोड़फोड़ की है। उत्पीड़न जारी रहा तो परिवार सहित आत्महत्या करने को मजबूर होंगे। घर में तोड़फोड़ करने के बाद घर से निकल जाने के लिए कहा है। कहा कि तुम्हारे पति को झूठे मामले में इनकाउंटर में मार देंगे। उसके परिवार के सदस्यों ने क ोई गलत कार्य नहीं किया। पुलिस मुखबिर व थाने के दलाल मिलकर उसको परेशान कर रहे हैं। दस्यु प्रभावित क्षेत्र होने से डाकुओं का डर बना रहता है। किसी दिन सपरिवार आत्मदाह कर लेंगे। थाना मानिकपुर पुलिस द्वारा की मारपीट व घर में तोड़फोड़ की घटनाओं को संज्ञान में लेकर एससीएसटी उत्पीड़न के तहत मामला न्यायिक अधिकारी से जांच कर न्याय दिलाया जाए।