मानिकपुर के औदर जंगल में डकैतों की तलाश के लिए एडीजी और डीआईजी ने डेरा डाल रखा है। दस्यु गैंग से मुठभेड़ के दौरान डाकू लवलेश कोल और अन्य डाकुओं के घायल होने का पुलिस को सबूत मिल गया। खून के निशान के सहारे पुलिस टीम ने घने जंगल में डकैतों की तलाश शुरू कर दी है। संभावना जताई जा रही है कि बगदरा नदी पार कर डकैत घायल साथियों के साथ नागर जंगल पहुंचे हैं।
सूत्रों का कहना है कि सरगना बबुली के खास डकैत लवलेश को गोली लगी है। उसकी हालत बेहद नाजुक है। यहां तक कि उसके मरने और अंतिम संस्कार करने की तैयारी की सूचना है। पुलिस की तगड़ी नाकेबंदी के कारण कोई भी डाकू मदद के लिए जंगल से बाहर नहीं निकल पा रहा है।
मानिकपुर के औदर जंगल के पास निही गांव में नानी की मौत की सूचना पर डाकू बबुली कोल पूरे गैंग के साथ बुधवार की रात पहुंचा था। गुरुवार तड़के गांव के बाहर जंगल से सटे इलाके में बनी फारेस्ट विभाग की बंद रहने वाली चौकी के इर्दगिर्द डाकू मौजूद रहे। डकैतों से मुठभेड़ में दरोगा जेपी सिंह शहीद हो गए, जबकि दूसरे दरोगा घायल हो गए। बताया जाता है कि कई डाकुओं को भी गोली लगी है। इसमें गैंग का दाहिना हाथ लवलेश कोल प्रमुख है।
गोली लगने के बाद वहां से भागते समय पूरे रास्ते में कई जगह खून के निशान हैं। बताया जाता है कि लगभग 50 मीटर दूर एक भौंटी पर घायल लवलेश और अन्य ने छिपकर गैंग के अन्य सदस्यों को गोली लगने की सूचना मोबाइल से दी थी। पुलिस टीम ने सर्विलांस के जरिये उस स्थान तक पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन उससे पहले डाकू घायलों को लेकर भाग निकले।
डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी का भी कहना है कि गोली लगने से लवलेश की मौत होने की अटकलें है। कई अन्य घायल हैं। मुठभेड़ स्थल से जंगल के रास्ते कई स्थानों पर खून के निशान मिले हैं। इसी आधार पर तलाश जारी है। संभावना है गैंग बगदरा नदी पार कर नागर के जंगल की ओर जा रहा है।