अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। बहुचर्चित तेल उद्यमी के जुड़वा भाईयों के अपहरण मामले में बुधवार यह तय हो गया कि दोनों मासूम अपहृत जीवित और सकुशल हैं। दोनों राज्यों के पुलिस अधिकारी व एसटीएफ के अधिकारी इसे दबी जुबान में मान भी रहे हैं लेकिन अब 24 घंटे बाद ही पूरे मामले का खुलासा करने की बात कही गई है। उधर, ऊहापोह की दिनभर स्थिति बनी रही और मप्र के गृह मंत्री बाला बच्चन ने अपहरण मामले में डीजीपी को तलब कर पूरी रिपोर्ट मांगी। जिसमें डीजीपी ने वही बात दोहराई है जो एक दिन पूर्व प्रदेश के सतना जिला प्रभारी मंत्री लखन घनघोरिया ने कही थी कि बच्चे सकुशल हैं और जल्द ही पुलिस के हाथ कामयाबी मिलेगी।
अपहृत प्रियांश व श्रेयांश को लेकर बुधवार की सुबह चार बजे से लेकर रात आठ बजे तक अफवाहों का बाजार गर्म रहा। जिनकी तलाश में यूपी-एमपी एसटीएफ गुप्तचर एजेंसी, सीआरपीएफ, रींवा के आईजी, डीआईजी, चित्रकूट मंडल के डीआईजी एसपी समेत भारी पुलिस बल लगा है। नौवें दिन बुधवार को भी परिजन अपने नयन के तारों को देखने को तरसते रहे। पुलिस किसी भी तरह की सफलता मिलने से इंकार करती रही। शाम को चित्रकूट एसपी मनोज कुमार झा व सतना के पुलिस अधीक्षक संतोष गौर समेत अन्य अधिकारियों ने यह दावा जरूर किया कि पूरी टीम को कामयाबी मिलने वाली है। दोनों अपहृत बच्चे सकुशल हैं और 24 घंटे के अंदर उन्हें बरामद कर परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस व एसटीएफ की टीमें बेहद सतर्कता से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। उधर, पूरे मामले में मप्र के गृहमंत्री ने मप्र के डीजीपी वीके सिंह को तलब कर अपहरण कांड की पूरी रिपोर्ट मांगी। जिसमें डीजीपी ने बताया कि बच्चे सकुशल हैं और पुलिस को बहुत जल्द कामयाबी मिलने वाली है। गौरतलब है कि यही बात मंगलवार को सतना के जिला प्रभारी मंत्री ने भी कही थी कि इस मामले में बच्चे सकुशल हैं और यह अपहरण तेल उद्यमी के करीबियों ने मिलकर कराया है किसी डाकू गैंग का हाथ नहीं है।
दादी ने कहा, गले लगा लूं तभी होगा संतोष
चित्रकूट। पुलिस ने दोनों अपहृतों के सकुशल होने के दावे के बाद पीड़ित परिवार के महिला सदस्य व अन्य भाई-बहनों को बेहद संतोष हुआ। सभी की आंखें नम हो गई। अपहृतों की मां बबिता देवी व दादी शांतिदेवी ने बताया कि सूचना तो मिल रही है लेकिन जब तब उन्हें गले नहीं लगा लें या आंखों से न देख लें तब तक संतोष नहीं होगा। आखिर इतने दिन तक भूखे प्यासे कैसे रहे होंगे दोनों। शाम को इनके घर में सीनियर पुरुष सदस्य नहीं मिले। जिससे आसपास के लोगों ने बताया कि पुलिस की मदद के लिए गए हैैं जहां अपहृतों के मिलने की संभावना है।
फोटो व सोशल मीडिया में होती रही खबर वायरल
चित्रकूट। बुधवार की शाम को सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हुई जिसे बताया गया कि अपहृत में एक भाई है और दोनों भाइयों को यूपी एसटीएफ ने बरामद कर लिया है। यह खबर दिनभर चर्चा का विषय रही। हर कोई मोबाइल से उनके परिजनों से हालचाल जानने का प्रयास करता रहा लेकिन हर बार यही कहा गया कि अभी तक उनके पास बच्चे नहीं आए हैं ऐसे में कुछ नहीं कहा जा सकता। उधर बुधवार को फिर चर्चा हुई कि परिजनों ने अपहरणकर्ताओं से एक दिन पूर्व ही मोटी रकम देकर अपहृत बच्चों को छुड़ा लिया है। जिसकी जानकारी होने पर यूपी-एमपी की पुलिस टीम के अधिकारी मंगलवार की देर रात लगभग ढाई बजे सीतापुर रामघाट पहुंचे और बच्चों समेत परिजनों को लेकर अपहरणकर्ताओं की तलाश कर रहे हैं। बच्चे काफी बीमार व कमजोर हो गए हैं तो उनका इलाज भी कराया जा रहा है। इस मामले में रींवा आईजी चंचल शेखर व बांदा डीआईजी अनिल कुमार राय ने बताया कि पुलिस हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है। जल्द ही अपहरणकर्ताओं को दबोच कर अपहृतों को सकुशल घर पहुंचाएंगे।