बीती रात बदमाशों ने बहिलपुरवा थाना के ददरी गांव के धाता कोलान और एक अन्य मजरे में कुछ लोगों को बंधक बनाकर जमकर लूटपाट की। बदमाश कई घरों से नकदी और जेवरात लूट ले गए। लूटपाट के बाद बदमाश एक युवक को जंगल ले गए और दो घंटे बाद छोड़ दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि बहिलपुरवा थाने में शिकायत के बाद कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर ग्रामीण शनिवार को एसपी स्वामी प्रसाद से मिले। वहीं पुलिस अधीक्षक स्वामी प्रसाद का कहना है कि उनसे कोई ग्रामीण नहीं मिला। फिर भी उन्होंने कहा कि बदमाशों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
एसओ कई बार गांव गया पहले तो किसी ने तहरीर नहीं दी थी, बाद में तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। लूटपाट की घटना गुरुवार रात की है। एसपी मुख्यालय मिलने आए रामखेलावन पुत्र सुखलाल का कहना है कि रात लगभग साढ़े नौ बजे कुछ लोगों ने उनका दरवाजा खटखटाया।
खोलने पर इन लोगों ने खुद को गौरी यादव गिरोह का बताकर कट्टा लगा दिया। घर से दस हजार रुपए और चांदी ले गए। इसके बाद बदमाशों ने चंद्रपाल पुत्र फक्कड़, रामकिशोर पुत्र अंधा के यहां धावा बोलकर लूटपाट की।
यहां से बदमाश पांच सौ रुपए और सोने की अंगूठी, चांदी के गहने ले गए। फिर पास के एक अन्य मजरे में बदमाशों ने धावा बोलकर ग्रामीण ननकू के घर पीछे का दरवाजा खुलवाया और कहा कि गौरी यादव ने भेजा है। बदमाशों ने ननकू और उसके पुत्र अजय और सनकू को कपड़ों से बांधकर पीटा और फिर 27 हजार रुपए और एक लाख के जेवरात लूट ले गए।
एक अन्य ग्रामीण चुनबाद पुत्र बत्तीवा ने बताया कि चालीस हजार रुपये और भाई छोटुवा के पचास हजार रुपए और बहुओं के दो लाख के जेवर ले गए। बदमाश ननकू के पुत्र अजय को बंधक बना जंगल ले गए थे। लगभग दो घंटे बाद अजय घर पहुंचा तो उसके दोनों हाथ पीछे बंधे थे।
मुख्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि अगले दिन वे लोग बहिलपुरवा थाने पहुंचे और घटना की सूचना दी। पुलिस खानापूरी कर वहां से चली आई। उन लोगों की रिपोर्ट नहीं लिखी गई।
एसओ बहिलपुरवा ने इस बात से इंकार किया कि ग्रामीणों की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उन्होंने मौका मुआयना किया है और यह छुटभैये बदमाशों का काम है।
जल्द ही बदमाश पुलिस के कब्जे में होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण पहले इन लोगों को घर में आश्रय देते हैं, और खाना पीना करते हैं और फिर यही लोग रात के अंधेरे में मुंह बांध वारदात को अंजाम देते हैं।