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डाकुओें के चंगुल से छूटे अपहृत भाई

Thu, 16 Mar 2017 11:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट
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लोगों को भगाती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 डाकू ललित पटेल गैंग द्वारा जिले के सीमावर्ती मप्र क्षेत्र से अपहृत दो सगे भाई बुधवार की देर रात को सकुशल अपने घर पहुंच गए। इससे सभी ने राहत की संास ली। मप्र. व उप्र. पुलिस का दावा है कि पुलिस के दबाव के कारण भयभीत डाकू गैंग अपहृतों को छोड़कर भाग निकला है।
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परिजनों का कहना कि फिरौती की रकम देने के बाद ही दोनों छूटे हैं। फिलहाल दोनों जिले की पुलिस टीमें अपहृतों से जानकारी लेने में जुटी है। सतना एसपी दोनों अपहृतों को साथ लेकर उसी जंगल पहुंचे। जहां से उनका अपहरण होने का दावा किया गया था। अपहृतों की निशानदेही पर भागे डाकुओं का सुराग लगाया जा रहा है।


     शिवरामपुर के अमरावां गांव के चरवाहे रविकरण, राकेश, रामकेश, नत्थू व चुन्नू बकरियां चराते समय नौ मार्च को सीमावर्ती मप्र. के नयागांव चौबेपुर कैलाश मंदिर तक पहुंच गए थे। देर रात होने के कारण सभी वहीं रुक गए थे। तभी डाकू ललित पटेल गैंग आया और रवि व राकेश का अपहरण कर ले गया। 
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अन्य तीन  को पीटकर फिरौती के तीन लाख पहुंचाने की धमकी दी थी। इसकी रिपोर्ट नया गांव थाने में 11 मार्च की शाम को दर्ज हुई थी  इसके बाद से यूपी-एमपी की पुलिस टीमें लगातार अपहृत भाइयों की रिहाई के लिए रणनीति बनाकर काम कर रही थी। बुधवार की देर रात लगभग दो बजे दोनों भाई अपने घर पहुंच गए। परिजनों ने दबी जुबान में बताया कि किसी तरह परिजनों ने लगभग दो लाख रुपये डाकुओं के पास पहुंचाया।


गुरुवार की सुबह दोनों अपहृतोें के पास नयागांव थाना प्रभारी देवी सिंह अमरावां गांव पहुंचे और पूछताछ के लिए दोनों को थाने ले आए। सतना एसपी मिथलेश कुमार एसडीओपी पीएल अवस्थी के साथ थाने पहुंचे और दोनों अपहृतों से काफी देर तक बातचीत की।

इसके बाद दोनों को लेकर सिजरवार, अनुसूइया के जंगल गए। एसपी सतना ने बताया कि पुलिस  के भारी दबाव के चलते ही डाकू दोनों को छोड़कर भागे हैं। अब इनकी निशानदेही पर डाकुओं की तलाश की जा रही है।


उधर, शिवरामपुर चौकी प्रभारी सुजीत कुमार ने बताया कि पूरा मामला कुछ संदिग्ध भी है। अपहृत पुलिस को सही जानकारी नहीं दे रहें हैं। पुलिस का सीमा क्षेत्र पर भारी दबाव था।
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