जीआरपी जवानों ने मानिकपुर रेलवे स्टेशन पर राष्ट्रीय स्वयं संघ के दो पदाधिकारियों को ट्रेन के बारे में पूछने पर धक्का देकर गिरा दिया। विरोध करने पर दोनों से अभद्रता भी की। ट्रेन आने पर दोनों झांसी के लिए रवाना हो गए और वहां जीआरपी थाने में पुलिस कर्मियों की शिकायत की है।
आरएसएस के अनुसांगिक संगठन वनवासी कल्याण आश्रम के प्रांतीय हित रक्षा प्रमुख व कानपुर संभाग के संगठन मंत्री सत्येंद्र कुमार मिश्र व विभाग संगठन मंत्री झांसी बाबूलाल यादव रविवार को मानिकपुर स्थित वनवासी कल्याण आश्रम में ठहरे थे। देर रात झांसी जाने के लिए बुंदेलखंड एक्सप्रेस से रिजर्वेशन होने पर जंक्शन पहुंचे। दोनों पदाधिकारियों ने बताया कि टिकट खिड़की व पूछताछ काउंटर के पास भीड़ थी। इसके चलते वहां मौजूद एक जीआरपी के जवान से कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस की क्या स्थिति है व किस नंबर प्लेटफार्म पर आएगी यह पूछकर बता दो। आरोप है कि इतना सुनते ही पुलिसकर्मी ने उन्हें अपशब्द कहकर कहा कि यह हमारा काम नहीं है, यहां से आगे बढ़ो। विरोध करने पर सिपाही ने दोनों नेताओं को धक्का देकर गिरा दिया। यह देखकर दूसरा पुलिस कर्मी भी वहां आ गया और दोनों ने काफी देर तक अपशब्दों का इस्तेमाल किया।
इसी दौरान बुंदेलखंड एक्सप्रेस के आने की सूचना पर दोनों आरएसएस पदाधिकारी प्लेटफार्म पर पहुंचे और ट्रेन में बैठकर झांसी रवाना हो गए। दोनों पदाधिकारियों ने बताया कि झांसी जीआरपी एसपी, थाने और संघ कार्यालय में घटना की जानकारी देकर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में जीआरपी एसपी झांसी ओपी सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी लिखित रूप से नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में मानिकपुर जीआरपी प्रभारी से जानकारी मांगी गई है। इस मामले में मानिकपुर थाना प्रभारी हरीशंकर सिंह ने बताया कि रात को जिन पुलिस कर्मियों की ड्यूटी थी उसकी जानकारी की जा रही है। जिनके साथ घटना बताई जा रही है उन्होंने यहां कोई शिकायत भी नहीं की है।
आरएसएस के दो पदाधिकारियों के साथ जीआरपी के जवानों द्वारा अभद्रता करने की जानकारी होने पर जिला प्रचारक विनय कुमार, जिला कार्यवाह दयाशंकर केशरवानी, भाजपा नेता संतोष गुप्ता, परमानंद, रमाकांत व चंदन ने कड़ी निंदा कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।