चित्रकूट/पहाड़ी । रैपुरवा बांध के पास आठ मई की देर रात हुए तिहरे हत्याकांड में पुलिस को तीनों मृतकों के मोबाइल की काल डिटेल खंगालने पर अहम सुराग मिले हैं। इससे यह साबित हो गया है गोप्पा गैंग ही बोलेरो से तीनों मृतकों से मिलने आया था। लूटी गई रायफल की वापसी को लेकर बातचीत के दौरान गोप्पा गैंग ने पुलिस की मुखबिरी के शक में प्रधानप्रति समेत अन्य दो लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी थी।
26 अप्रैल को थानाक्षेत्र के हरछठीपुरवा गांव के पास गोप्पा डकैत गैंग ने फतेहपुर जिले के राजकिशोर शुक्ला की रायफल व कारतूस छीन लिए थे । राजकिशोर के नहरा गांव निवासी रिश्तेदार विनोद पंाडेय ने कलवारा के हरीनारायण और लोढवारा के रामराज यादव संग मिल कर गैंग को धन देकर उसके कब्जे से रायफल लेने की
योजना बनाई थी।
इसमें दरसेंडा के प्रधानपति देवशरण ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। आठ मई की देर रात रैपुरवा बांध के पास गोप्पा गैंग ने लूट की रायफल तो लौटाई नहीं, उल्टे रकम लेकर मुखबिरी के शक में मध्यस्थ समेत तीन लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी थी।
तिहरे हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस को बुधवार को सर्विलांस से पता चला गौप्पा गैंग ही बोलेरो से रैपुरवा बांध आया था। तिहरा हत्याकांड अंजाम देने के बाद गैंग बोलेरो से ही भाग निकला। प्रधानपति और अन्य दो मृतकों के मोबाइल की काल डिटेल से पता चला हो रायफल वापसी के लिए दोनों पक्ष मौके पर पहुंचे। इसके बाद तीनों लोगों को गोली से उड़ा दिया गया। सीओ राजापुर सत्यवीर सिंह ने बताया घटनास्थल पर मिले टायर के निशान से पता चला यहां कोई चार पहिया वाहन आया था।
एसपी केके चौधरी ने बताया घटना की जांच चल रही है । सर्विलांस व काल डिटेल से मामले में प्रधानपति के शामिल होने व गैंग के बोलेरो से मौके पर आने के अहम सुराग मिले हैं। घटना के तीसरे दिन पुलिस टीम डाग स्कवायड के साथ घटनास्थल पहुंची। टीम ने काफी देर तक जांच कर घटना के सबूत जुटाने के प्रयास किए।
पहाड़ी थाना पुलिस की भूमिका पर सवाल
घटना में जान गंवाने वाले लोढवारा गांव के रामराज के भतीजे रामविलास यादव ने वरिष्ठ पुलिस अफसरों को पत्र लिखकर पहाड़ी थानाध्यक्ष समेत कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाए।
रामविलास यादव ने पत्र में जानकारी दी पुलिस ने परिजनों से शिनाख्त कराए बिना तीनों शवों को सीधे मुख्यालय भेज दिया। मृतकों के पास मिला सामान परिजनों को दूसरे दिन दिया गया। आरोप लगाया पुलिस को तीनों लोगों के गोप्पा गैंग से मिलने जाने की पहले से जानकारी थी। पुलिस के वक्त पर कार्रवाई नहीं करने से तीनों लोगों की जान चली गई। अब तीनों मृतकों के परिजनों को गोप्पा गैंग से खतरा है। रामविलास यादव ने रामराज की विधवा पत्नी और बच्चों को पुलिस सुरक्षा देने की मांग उठाई।
छापेमारी में हत्थे नहीं चढ़ा गोप्पा
चित्रकूट। तिहरे हत्याकांड के बाद पुलिस के लिए सिरदर्द बने डाकू गोप्पा की तलाश में मंगलवार रात पुलिस की चार टीमों ने छह गांवों में छापेमारी की। एसपी केके चौधरी की अगुवाई में पुलिस टीमों ने हर्रा, बरेठी, दरसेंडा, औदहा, पहाड़ी, लोढवारा, रैपुरवा माफी और शिवरामपुर के आसपास रात भर डकैत गैंग की तलाश की। मशक्कत के बावजूद गोप्पा गैंग पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा।
जिले के बाहर भागा गोप्पा
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक गोप्पा आठ मई की देर रात रैपुरवा बांध के पास तीन लोगों की गोली मार कर हत्या करने के बाद बोलेरो से जिले से बाहर चला गया। बुधवार को अमर उजाला टीम जब गोप्पा के गांव हर्रा पहुंची तो उसके परिवार का कोई सदस्य नहीं मिला। जानकारों ने बताया आठ मई के पहले तो गोप्पा को गांव आते-जाते
देखा गया। लेकिन अब उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा है। नए थानाध्यक्ष रामेंद्र तिवारी ने बताया गोप्पा के गांव में छापेमारी की गई है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।