चित्रकूट। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सुपरवाइजर की पिटाई के बाद अचानक मौत होने पर परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा काटा। परिजनों ने आरोप लगाया कि विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी व कुछ अज्ञात लोगों की बेरहमी से पिटाई के कारण मौत हुई है। आरोपियों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की जाए। सीएमओ, एसडीएम व पुलिस विभाग के अफसरों ने मौके पर जाकर परिजनों को समझाया। जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपेंद्र कुमार सिंह व कुछ अज्ञात पर विभाग के सुपरवाइजर शिवरामपुर निवासी शिवलोचन वर्मा (53) पुत्र चुनवाद का 23 अगस्त को विवाद हुआ था। एक वाहन में बैठाकर तरौंहा की ओर ले गए और चार लोगों ने मिलकर उसकी पिटाई की थी। जिससे उनके मुंह से खून भी निकला था। जिसमें सुपरवाइजर ने मारपीट की रिपोर्ट अधिकारी व अज्ञात के खिलाफ के खिलाफ दर्ज कराई थी।
आरोप लगाया था कि घटना के दौरान विभाग के दूसरे सुपरवाइजर मनोज गौतम भी मौजूद थे। सोमवार की शाम को उनके दामाद कल्लुू प्रसाद पुत्र रामचंद्र ने आरोप लगाया कि आरोपी अधिकारी ने रिपोर्ट दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी का संदेश भेजा था। जिससे शिवलोचन बेहद भयभीत थे। रात को वह खाना खाकर सोने के लिए बिस्तर पर लेटे और फिर सीने में दर्द की शिकायत की। कुछ देर बाद वह बेहोश हो गए। जिन्हें रात को ही जिला अस्पताल लाए जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इसकी जानकारी होते ही रात को ही पूरे अस्पताल में भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनोें ने अधिकारियों को मामले की जानकारी देकर अस्पताल में हंगामा काटा। शिवलोचन की मौत का कारण विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी पर लगाकर दर्ज रिपोर्ट में हत्या की धारा जोड़ने की मांग कर रहे थे। घटना की जानकारी पर सीएमओ डॉ.रामजी पंाडेय, सीएमएस डॉ.एनके गुप्ता, एसडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह,सीओ प्रवीण कुमार व कोतवाल मनोज शुक्ला पहुंचकर परिजनों को समझाया।
इसके बाद शव का पंचनामा कराकर पोस्टमार्टम कराया।
इस मामले की जांच कर रहे सीओ सिटी प्रवीण कुमार ने बताया कि पहले दर्ज रिपोर्ट की जांच जारी है। इसमें कोई ढील नहीं दी जा रही है। आरोपियों के बयान दर्ज कराना बाकी है। अब इस घटना के बाद भी जांच जारी रहेगी। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के आधार पर धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
सादगी के मिसाल थे शिवलोचन
चित्रकूट। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के कर्मचारियों में शिवलोचन की सादगी व शराफत की सभी मिसाल देते थे। घटना के बाद उनकी पत्नी सुनीता देवी, पुत्र बीएससी फाइनल छात्र सिंटू, पुत्री ममता व रेखा का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सभी ने उन्हें सांत्वना दी। मृतक मूल रूप से अतर्रा बांदा के जमिहाई गांव के निवासी थे लेकिन लगभग 30 साल से शिवरामपुर में ही मकान बनवाकर परिवार समेत रहने लगे थे।
मौत की वजह बीमारी ?
पूरे मामले की संजीदगी को देखते हुए मृतक का पोस्टमार्टम कराने को दो डाक्टरों की टीम बनाई गई। जिसमें डॉ.बीएस द्विवेदी व डॉ.डीके वर्मा ने मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम किया। इस कार्य की पूरी वीडियो रिकार्डिंग भी कराई गई। उधर पूरे मामले में आरोपी खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपेंद्र सिंह ने व्हाट्सअप के जरिए मैसेज भेजा है कि सुपरवाइजर की मौत का कारण वह नहीं है बल्कि बीमारी है। उन्होंने 23 अगस्त का ही उरई के एक डॉक्टर के एक पर्चे को भेजा है। जिसमें जोड़ों का दर्द बताया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।